मैनचेस्टर
भारत और न्यू जीलैंड के बीच वर्ल्ड कप-2019 के पहले सेमीफाइनल मैच में बारिश ने खलल डाला। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में कीवी टीम की पारी के 46.1 ओवर बाद बारिश के कारण खेल रुक गया। न्यू जीलैंड के रॉस टेलर (67*) क्रीज पर हैं। उनके अलावा कप्तान केन विलियमसन ने 67 रन का योगदान दिया।

सभी प्रशंसकों के जेहन में यह सवाल जरूर होगा कि यदि मैच आज (मंगलवार) को नहीं हो पाता है तो फिर उनकी पसंदीदा टीम के अभियान का क्या होगा। बता दें कि पहले सेमीफाइनल (9 जुलाई) के लिए 10 जुलाई रिजर्व डे रखा गया है। यदि मैच आज पूरा नहीं हो पाता है तो इसे कल (बुधवार ) इसी मैदान पर खेला जाएगा।

अगर अपने निर्धारित दिन सेमीफाइनल मैच पूरे नहीं होते हैं, तो उस सूरत में अगले दिन यह मैच वहीं से शुरू होंगे, जहां पहले दिन पर बारिश के चलते रुकेंगे। ऐसे में यह उस मैच को वहीं से आगे जारी रखा जाएगा, जहां पर यह रुकेंगे यानी के यह खेल नए सिरे से दोबारा शुरू नहीं होगा। बता दें कि दूसरे सेमीफाइनल (11 जुलाई) के लिए 12 जुलाई रिजर्व और फिर फाइनल (14 जुलाई) के लिए 15 जुलाई को रिजर्व रखा गया है।

निर्धारित दिन और न ही रिजर्व डे पर पूरा हो पाए मैच तो..
उस स्थिति में पॉइंट्स टेबल का महत्व सामने आएगा। ऐसे में लीग स्टेज का आंकड़ा देखा जाएगा और जो टीम पॉइंट्स टेबल में अपनी विरोधी टीम से ऊपर होगी। उसे फाइनल का टिकट मिलेगा, जबकि दूसरी टीम का सफर इस वर्ल्ड कपर में यहीं थम जाएगा। इसका मतलब है कि बारिश के कारण मैच रद्द होने की स्थिति में भारतीय टीम बिना खेले भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती है।


लीग चरण में 4 मैच हुए थे रद्द
स्टेज में खेले जाने वाले 45 मैचों में 4 मुकाबले धुल जाने के चलते पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के अरमानों पर भी पानी फिर गया था और अगर यहां मैच खेले बिना मैच का फैसला हुआ, तो किसी एक टीम के लिए बड़ी निराशा यह होगी कि उसे बिना मैच हारे ही अपने वर्ल्ड कप अभियान को यहीं समाप्त करना होगा।

फाइनल धुला तो ट्रोफी शेयर
बता दें कि सेमीफाइनल और फाइनल मैच टाइ रहने की स्थिति में परिणाम के लिए सुपर ओवर का सहारा लिया जाएगा। यदि फाइनल बारिश के कारण धुलता है तो रिजर्व डे के बाद दोनों टीमों को ट्रोफी शेयर करनी होगी।

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