नई दिल्ली 

आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 के पहले सेमीफाइनल में टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया. मैनेचेस्टर में चल रहे मैच में भारतीय टीम के 3 बल्लेबाज 5 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए. न्यूजीलैंड की आक्रामक गेंदबाजी के आगे रोहित शर्मा, केएल राहुल और कप्तान विराट कोहली केवल एक-एक रन ही बना सके. इनके आउट होने के बाद दिनेश कार्तिक से टीम को उम्मीद थी, लेकिन वो भी फ्लॉप रहे.

15 साल बाद वर्ल्ड कप में मौका पाने वाले दिनेश कार्तिक ने 25 गेंदें खेलकर महज 6 रन बना सके. उन्हें मैट हेनरी ने चलता किया. इस वर्ल्ड कप में कार्तिक ने 3 मैच की दो पारियों में सिर्फ 14 रन बनाए. इस वर्ल्ड कप में उनका बेस्ट स्कोर 8 रन रहा. यह कार्तिक के करियर के लिहाज बड़ा मैच था. अगर इस मुकाबले में वह एक लंबी पारी खेलते, तो उनके करियर का सफर भी लंबा हो सकता था.
 
2007 वर्ल्ड कप में नहीं मिला था मौका

34 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज को टीम इंडिया के लिए वनडे में डेब्यू के 15 साल बाद वर्ल्ड कप टीम के अंतिम-11 में जगह दी गई. दिनेश कार्तिक ने सितंबर 2004 में वनडे इंटरनेशनल में पदार्पण किया था. इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने इससे पहले तक 94 वनडे इंटरनेशनल में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है. कार्तिक को 2007 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में रखा गया था, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला.

- वनडे डेब्यू सितंबर 2004 में, महेंद्र सिंह धोनी से तीन महीने पहले

- धोनी के बैक अप के तौर पर 2007 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में रहे, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला

- 2011 और 2015 वर्ल्ड कप में नहीं चुने जा सके

- आखिरकार वर्ल्ड कप 2019 के लिए चुने गए

निदहास ट्रॉफी में खेली थी यादगार पारी

18 मार्च, 2018: दिनेश कार्तिक की करिश्माई बल्लेबाजी ने क्रिकेट की दुनिया में धूम मचा दी थी. कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में कार्तिक के बल्ले से 8 गेंदों में 29* (6, 4, 6, 0, 2, 4, 1, 6) रनों की बारिश ने बांग्लादेश की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था. फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर कार्तिक ने टीम इंडिया को निदहास ट्रॉफी दिलाई थी.

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