लंदन 
वर्ल्ड कप में इस कदर रोमांचक मुकाबले की कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। पहली बार वनडे वर्ल्ड कप टूर्नमेंट के नॉक आउट मुकाबलों के लिए सुपर ओवर का नियम लागू किया गया था और खिताबी मुकाबले का फैसला इसी के आधार पर हुआ। दोनों टीमों ने अंत तक मैच नहीं छोड़ा और 241 रन पर मैच टाई हुआ। इसके बाद दोनों टीमों के बीच सुपर ओवर भी टाई रहा और वर्ल्ड चैंपियन का फैसला बाउंड्री के दम पर हुआ, जहां इंग्लैंड ने बाजी मार ली। मैच के इस रिजल्ट से पहले सुपर ओवर में इंग्लैंड ने स्कोरबोर्ड पर 15 रन टांग कर न्यू जीलैंड को 16 रन की चुनौती दी। लेकिन कीवी टीम भी यहां 15 रन ही बना पाई और मुकाबला एक बार फिर टाई हो गया। अब नियमों के मुताबिक खिताब का फैसला ज्यादा बाउंड्री के दम पर होना था और इंग्लैंड ने यहां बाजी मार ली। न्यू जीलैंड ने अपनी पारी में 2 छक्के और 14 चौके जमाए थे, जबकि मेजबान इंग्लैंड ने यहां 2 छक्के और 22 चौके जमाए थे। इसके दम पर उसने पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल कर ली। पहली बॉल पर ही बड़ी इंग्लिश टीम की धड़कनें 242 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की लिए पारी की पहली ही गेंद पर मुश्किल खड़ी हो गई थी, जब बोल्ट की गेंद जेसन रॉय के पैड पर जा लगी। कीवी टीम ने जोरदार अपील की थी। लेकिन अंपायर ने इसे ठुकरा दिया। कप्तान केन विलियमसन ने ट्रेंट बोल्ट से सलाह-मशविरा कर रीव्यू मांग लिया। टीवी कैमरे से साफ था कि यह बहुत करीबी मामला था मिलीमीटर के अंतर से यह फैसला अंपायर कॉल में चला गया। यानी यहां अपायर ने आउट दिया होता तो इंग्लैंड को पहली सफलता मिल जाती। 

Eoin Morgan - Cricket World Cup winning captain!

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— ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) July 14, 2019

नहीं चले जेसन रॉय-जो रूट 
हालांकि जेसन रॉय (17) आज कुछ खास नहीं कर पाए और मैट हेनरी ने उन्हें अपना पहला शिकार बनाया। इस विकेट के बाद कीवी गेंदबाजों ने इंग्लिश टीम पर दबाव और बढ़ा दिया और रनगति पर अंकुश लगाए रखा। नंबर 3 पर खेलने आए जो रूट ने 30 बॉल खेलकर 7 रन ही बनाए और कोलिन डि ग्रैंडहोम ने उन्हें विकेटकीपर टॉम लाथम के हाथों कैच आउट कराया। जॉनी बेयरस्टो भी लौटे इसके तीन ओवर बाद ही एक छोर पर डेट दूसरे ओपनिंग बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो भी लोकी फर्ग्युसन की गेंद पर बोल्ड हो गए। बेयरस्टो ने 44 बॉल की अपनी पारी में 7 चौकों की मदद से 36 रन बनाए। यह 20वें ओवर में इंग्लिश टीम को तीसरा झटका था और अभी स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 71 रन ही टंगे थे। 

मॉर्गन को शॉर्ट बॉल पर घेरा इसके बाद कप्तान इयोन मॉर्गन पर कीवी टीम ने अपनी सोची समझी रणनीति के तहत हमला जारी रखा और शॉर्ट बॉल के फेर में एक बार फिर फंसा लिया। 24वें ओवर में कप्तान विलियमसन ने बोलिंग में परिवर्तन किया और यहां रणनीति काम कर गई। जेम्स नीशम की पहली ही बॉल पर मॉर्गन कैच आउट हो गए। नीशम ने शॉर्ट बॉल के जाल में ही संघर्ष कर रहे मॉर्गन को फांस लिया। 

लॉकी फर्ग्युसन का उम्दा कैच मॉर्गन (9) ने शॉर्ट बॉल पर पॉइंट बाउंड्री की ओर शॉट घुमाया था। वहां तैनात लोकी फर्ग्युसन ने आगे की ओर डाइव लगाते बेहतरीन कैच पकड़ा। अंपायर ने इसे तीसरे अंपायर के पास जरूर भेजा था। लेकिन कैमरे में साफ हो गया कि लोकी ने यहां सुरक्षित कैच लपका है और कीवी टीम को चौथी सफलता मिल गई। यह 86 के स्कोर पर इंग्लैंड को चौथा झटका था और अपना चौथा वर्ल्ड कप फाइनल खेल रही इंग्लैंड एक बार खिताब से दूर होती दिख रही थी। 

बटलर-स्टोक्स ने संकट से निकाला यहां अभी क्रीज पर आए बेन स्टोक्स का साथ निभाने जोस बटलर आ गए और दोनों ने एक बार फिर इंग्लैंड की बिखरी हुई पारी को सहेजने का काम एक बार फिर से शुरू किया। पहले दोनों ने हालात से तालमेल बैठाया और फिर सेट हो जाने के बाद एक बार फिर कीवी टीम पर हमला बोलने की रणनीति पर काम किया। दोनों ही बल्लेबाजों ने अपने-अपने अर्धशतक भी पूरे किए और 110 की साझेदारी करते हुए इंग्लैंड की पारी को जीत की पटरी पर ले आए। लेकिन यहां जोस बटलर ने बढ़ रहे औसत पर काबू करने के लिए तेजी से प्रहार किए और इस बीच लोकी फर्ग्युसन की गेंद पर वह डीप कवर में टिम साउदी ने कैच लपककर उनकी पारी को खत्म कर दिया। 

न्यू जीलैंड की पारी 
इससे पहले न्यू जीलैंड ने इंग्लैंड के सामने 242 रनों का लक्ष्य रखा था। अपने गेंदबाजों के दम पर मेजबान टीम ने न्यू जीलैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। न्यू जीलैंड की ओर से हेनरी निकोल्स (55) और टॉम लाथम (47) उपयोगी पारियां खेलीं। कप्तान केन विलियमसन ने 30 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड की ओर से लियाम प्लंकेट और क्रिस वोक्स ने 3-3 विकेट लिए। 

फिर फेल हुए गप्टिल 
रविवार को इंग्लैंड की राजधानी लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। न्यू जीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। गप्टिल 19 रन बनाकर क्रिस वोक्स की गेंद पर LBW हुए। उन्हें अंपायर ने आउट दिया था इसके बाद उन्होंने रिव्यू लेने का फैसला किया जो उनके खिलाफ गया। अंपायर कुमार धर्मसेना इस फैसले से काफी राहत महसूस कर रहे होंगे क्योंकि इससे पहले उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज हेनरी निकोल्स को आउट दिया था जिसे तीसरे अंपायर ने पलट दिया था। 

विलियमसन-हेनरी ने संभाला 
इसके बाद कप्तान केन विलियमसन ने हेनरी निकोल्स के साथ मिलकर कीवी पारी को पटरी पर लाने का प्रयास किया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। विलियमसन को प्लंकेट ने आउट किया। उनकी एक कटर बॉल विलियमसन के बल्ले का किनारा लेते हुए विकेटकीपर जोस बटलर के दस्तानों में गई। हालांकि अंपायर धर्मसेना ने इसे भी नॉट आउट दिया था लेकिन इंग्लैंड के कप्तान इयॉन मोर्गन ने रिव्यू लिया और फैसला उनके पक्ष में गया। विलियमसन 30 रन बनाकर आउट हुए। 

प्लंकेट का एक और झटका 
इंग्लैंड को प्लंकेट ने जल्द ही एक और कामयाबी दिलाई जब उन्होंने हाफ सेंचुरी बना चुके निकोल्स को बोल्ड कर दिया। निकोल्स ने 55 रनों की पारी खेली। इतने कम अंतराल पर दो विकेट खोने से न्यू जीलैंड के रन बनाने की रफ्तार पर काफी असर पड़ा। 

टेलर भी अंपायरिंग का शिकार भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले रोस टेलर से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह सिर्फ 15 रन बनाकर मार्क वुड की गेंद पर LBW दे दिया। अंपायर मैरिस इरेसमस ने उन्हें आउट करार दिया लेकिन रीप्ले में साफ हो गया था कि गेंद स्टंप के ऊपर से जा रही थी हालांकि न्यू जीलैंड के पास कोई रिव्यू नहीं बचा था। 

साझेदारियां बनती-बिगड़ती रहीं टॉम लेथम और जिमी नीशम ने पारी को संवारने का प्रयास किया। इन दोनों ने रनगति को रफ्तार देने का भी प्रयास किया लेकिन जब यह साझेदारी बनती नजर आ रही थी तभी नीशम को एक और कटर पर प्लंकेट ने आउट किया। उनकी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में मिड ऑन पर जो रूट को कैच थमा बैठे। 

Source : Agency