तकनीकी शिक्षा विभाग में इंजीनियिरंग कालेज और पालीटेक्निक में पदस्थ 85 प्रोफेसर और लेक्चरर की सूची रखी ही रह गई और स्थानांतरण की समयअवधि समाप्त हो गई। ये सूची जारी होने के पहले ही बाहर आ गई और सभी को अपनी नई पदस्थापना की जानकारी लग गई। वहीं प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल की अनुपस्थिति में सूची जारी नहीं हो सकी। उनके वापस आने तक स्थानांतरण नहीं होने पर सभी राहत की सांस ले रहे हैं।  
डीटीई ने प्रदेशभर के करीब 85 प्रोफेसर और लेक्चरर के स्थानांतरण की सूची तैयार कर रखी है। ये सूची पांच जुलाई तक जारी होना थी, लेकिन प्रमुख सचिव अग्रवाल के अवकाश पर होने के कारण सूची जारी नहीं हो सकी। पीएस अग्रवाल छुट्टी से लौटे तब तक स्थानांतरण करने की समयअवधि समाप्त चुकी थी। संचालक वीरेंद्र कुमार ने प्रोफेसरों के हेरफेर करने की सूची स्थानांतनण नीति के विपरीत बनी है। इसमें पदस्थ प्रोफेसर और प्राचार्य के बीस फीसदी से ज्यादा को सूची में शामिल किया गया। इसकी वजह सूची में शामिल लोग संचालक वीरेंद्र कुमार के गुट के नहीं हैं। यहां तक उनके विरोधियों को काफी दूरदराज के कालेज और पालीटेक्निक में स्थानांतरित करने की व्यवस्था बनाई गई।

एक-एक को बता दी सूची
इसी दौरान एक छुटभैया कांगे्रसी नेता ने विभाग से सूची लेकर आरजीपीवी पहुंचे। जहां उन्होंने एक-एक कर सभी प्रोफेसरों की नई पदस्थापना बता दी। ये सूची डिप्टी सेके्रटरी पंकज शर्मा के पास ही रखी रह गई।

प्राचार्य भी खतरे में
आशीष डोंगरे एसवी पालीटेक्निक से दमोह, सीजी ढाबू खंडवा से बालाघाट, केबी राओ महिला पालीटेक्निक से एसवी पालीटेक्निक, टीके श्रीवास्तव डीटीई से महिला पालीटेक्निक, विनायक डीटीई से एसवी पालीटेक्निक, अनिल सिंघई जबलपुर से नौगांव और आषित शुक्ला जबलपुर से नौ गांव इंजीनियरिंग कालेज भेजने की कवायद की गई।

व्यापमं से होती प्रतिनियुक्ति समाप्त
विभाग ने प्रतिनियुक्ति खत्म कर प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति के ओएसडी आलोक चौबे, व्यापमं परीक्षा नियंत्रक एकेएस भदौरिया और उप नियंत्रक भावाना झारिया को बाहरी कालेजों में भेजा जा रहा था। आरएन तिवारी इंदौर, आरएस लोहवंशी इटारसी, बीपी गुप्ता को महिला पालीटेक्निक जबलपुर से निकालकर छोटे कस्बों में भेजने की व्यवस्था की गई है।

ऐसे में खाली हो जाता आरजीपीवी
विनय थापर रीवा, राकेश सिंघई नौगांव, मोहन सेन डीटीई, एनके शर्मा डीटीई, एके सिंह जबलपुर, अजीता सतीष जबलपुर, असीम तिवारी रीवा, नीलू नेहलानी जबलपुर, अंजना दीन सागर, विनिता निगम, आरके चिढ़ार, अल्का वाणी, अरुण नाहर, भाषा शुक्ला, अनुभूति खरे, आरएस राजपूत रीवा, एलके जैन छिंदवाड़ा, सुधीर दानेज ग्वालियर और यूआर सुरंगे आरजीपीवी से शहडोल भेजा जा रहा था।

 

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