रायपुर
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में संचालित योजनाओं का अवलोकन करने इंदौर के द नेचर वॉलिंटियर्स के संस्थापक और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अभिलाष खांडेकर ने आज विभिन्न तालाबों व परिसरों का भ्रमण किया। उन्होंने नालंदा परिसर, तेलीबांधा तालाब, कारी तालाब में दूरगामी सोच के साथ सुविधा युक्त व पर्यावरण संरक्षित योजना के शानदार क्रियान्वयन के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड व नगर निगम रायपुर की सराहना करते हुए इंदौर और भोपाल जैसे शहरों के लिए भी अनुकरणीय बताया है।

श्री खांडेकर शहरी विकास पर कल आयोजित कार्यशाला में शामिल होने राजधानी रायपुर पहुंचे थे। श्री खांडेकर को,वन्य जीव, पक्षियों , तालाबों के नैसर्गिक विकास व संरक्षण के साथ ही राष्ट्रीय पत्रकारिता के बेहतर आयाम व उनकी सृजनशीलता के नाम से भी जाना जाता है। अल्प प्रवास पर राजधानी पहुंचे श्री खांडेकर ने कारी तालाब के पुनर्जीविकरण के लिए स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान डिप्टी मैनेजर अंकुर अग्रवाल ने लगभग सूख चुके तालाब के पुनर्जीवन के लिए बनी स्मार्ट सिटी परियोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तालाबों के संरक्षण के जरिए जल स्तर को बनाए रखने की बेहतर सोच व संकल्प के साथ ठोस नीति के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की प्रशंसा की। भ्रमण के दौरान स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री आशीष मिश्रा एवं मुख्य वित्त अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने उन्हें अन्य तालाबों का जीवन संवारने किये जा रहे प्रयासों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा है कि ऐसे समय में जब अन्य शहर तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए कांक्रीटीकरण का नेटवर्क तैयार कर अनजाने ही तालाबों की मूल प्रकृति को प्रभावित कर रहे हैं, रायपुर स्मार्ट सिटी पुराने तालाबों को पुनर्जीवित करने की  दिशा में बेहतर काम कर रही है। उन्होंने सुझाव दिया है कि पक्षियों के कलरव से तालाब गुलजार हो, इसके लिए तालाबों के बीच में वृक्ष भी लगाए जाने चाहिए, जिसमें प्रवासी पक्षी अपना बसेरा बना कर अपनी मौजूदगी से तालाब को नैसर्गिक रूप देते हुए सभी को अपनी ओर आकर्षित कर सकें।

तेलीबांधा तालाब में जैविक पद्धति से जल शोधन की तकनीक का प्रयोग कर इस तालाब को स्वच्छ रखने में भेल व निरी के साथ मिलकर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किए गए प्रयासों को उन्होंने अन्य शहरों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया है। इस दौरान तेलीबांधा तालाब में जल शुद्धिकरण की संपूर्ण जानकारी भेल के इंजीनियर श्री थोरात ने विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि रसायन युक्त जल, जलीय जीवों के लिए अत्यधिक हानिकारक होते हैं, इसलिए इसकी मॉनिटरिंग नियमित अंतराल में सतत् रूप आगे भी होती रहे।

 

Source : Agency