जबलपुर
बार-बार सत्ता में आना है तो रामायण  पढ़ो. अगर राज्य चलाना है तो रामचरितमानस को ध्यान में रखो. यह सीख प्रख्यात कथा वाचक मोरारी बापू ने दी है. वर्ल्ड रामायण कॉफ्रेंस के समापन कार्यक्रम में जबलपुर पहुंचे बापू ने यह संदेश दिया. उन्होंने रामायण को सबसे श्रेष्ठ बताया.

जबलपुर में 26 जनवरी से शुरू हुई दूसरी वर्ल्ड रामायण कॉन्‍फ्रेंस का बुधवार को समापन हो गया. समारोह में प्रसिद्ध रामकथा वाचक मुरारी बापू बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. इस मौके पर प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत, सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया ने राज्य शासन की ओर से मुरारी बापू का सम्मान किया. नगर निगम जबलपुर ने उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी. रामायण पर शोध करने वाले विदेशी विद्वानों को मुरारी बापू ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया और उन्हें इस नेक काम के लिए धन्यवाद दिया.

मुरारी बापू ने सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण पेश करते हुए एक मुस्लिम व्यक्ति को मंच पर बुलाकर उन्हें बोलने का मौका भी दिया. इस दौरान उन्होंने मुस्लिम युवक से कहा कि वो पवित्र इस्लाम धर्म का पूरी तरह से पालन करें और इस्लाम को अपने आप में समाहित करने की कोशिश करें. मुरारी बापू ने मुस्लिम युवक को इस बात के लिए आशीर्वाद दिया कि वह अपने धर्म को बखूबी निभा रहा है. अपनी बात को मुरारी बापू ने उर्दू के विभिन्न शायरों की शायरी के माध्यम से लोगों के सामने रखा. उन्होंने अपनी कथा में रामायण को एक वैश्विक ग्रन्थ बताया और इसकी आलोचना करने वालों को नासमझ कहा.

मुख्यमंत्री कमलनाथ की तारीफ

मुरारी बापू ने कहा कि पूरे विश्व में रामायण को पढ़ा जाता है. इसका अनुसरण करने वाले पूरे विश्व में हैं. इसलिए यही कहा जायगा कि रामायण एक वैश्विक ग्रन्थ है. रामकथा कहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी याद किया और उन्हें एक बेहतर मुख्यमंत्री बताया.उन्होंने कहा सरकार को बेहतर ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को रामायण भी पढ़ना चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री को वन गमन पथ निर्माण कराने के लिए बधाई दी.

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