भोपाल

पशुपालन विभाग द्वारा लगातार गौ-वंश नस्ल सुधार से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 500 ग्राम प्रति व्यक्ति से अधिक है। केन्द्रीय मैत्री (बहुउददेशीय ग्रामीण कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता ) योजना के तहत वर्तमान में प्रदेश में 310 गौ-सेवकों को कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रबंध संचालक राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम  एच.बी.एस. भदौरिया ने बताया कि केन्द्र शासन द्वारा वर्ष 2020-21 में 1100 मैत्री गौ-सेवकों के प्रशिक्षण के लिये 8 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि विमुक्त की गई है। प्रशिक्षण से प्रदेश में उच्च नस्ल के दुधारु पशु बढ़ेंगे, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ने के साथ ही किसानों और ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी होगी। मैत्री को 3 माह का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें एक माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 2 माह का मैदानी स्तर पर व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल है। प्रशिक्षण गौ-सेवक या 10वीं पास 18 वर्ष से अधिक आयु के युवकों को दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रावास शुल्क के साथ खाने की व्यवस्था नि:शुल्क रहती है।

सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले मैत्री को परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पंजीयन कर प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इसके बाद प्रशिक्षित मैत्री को 50 हजार रुपये की एआई किट, तरल नाइट्रोजन और ट्रेविस आदि नि:शुल्क दिये जाते हैं। मैत्री कार्यकर्ताओं को कृत्रिम गर्भाधान कार्य के अलावा कृमिनाशक टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन नापना, पशुओं की टैगिंग कर पंजीयन करने आदि के कार्य भी दिये जाते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के साधन में बढ़ोतरी हो रही है।

Source : Agency