एक अच्छी नींद का संबंध हमेशा ही हेल्दी स्किन से होता है लेकिन अगर इसका उल्टा होने लगे तो! हमारे सोने की पॉजिशन हमारी स्किन को क्षति पहुंचा सकती है और यह कील-मुंहासों, झुर्रियों की भी वजह बन सकता है। चेहरे के सिर्फ एक तरफ अगर आपको फ्लैट गाल, मुंहासे और सूजी हुई आंखें दिखें तो यह इसके संकेत हो सकते हैं। हम जिस तरीके से सोते हैं,उसका सीधा असर हमारे लुक पर पड़ता है और हमारे सोने की गलत पोजिशन स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकती है। हमने सेलिब्रिटी डर्मैटॉलजिस्ट डॉ. किरण लोहिया से बात कर जानने की कोशिश की गलत स्लीपिंग पोजिशन की वजह से त्वचा संबंधी कौन सी समस्याएं हो सकती हैं...

तकिए का स्किन पर पड़ता है क्या असर?
सोने का सबसे अच्छा तरीका है, पीठ के बल सोना। 20-30 डीग्री के एंगल पर सोना शरीर में द्रव पदार्थ के प्रवाह के लिए सही रहता है। फिर भी ज्यादातर लोग करवट लेकर या पेट के बल सोना पसंद करते हैं, जिससे हमारा चेहरा तकिए पर दबा रहता है। तकिए के कवर पर बैक्टिरिया के साथ ही वह क्रीम भी लग जाती है जो हम अपने चेहरे पर इस्तेमाल करते हैं। इससे बचने के लिए तकिए का कवर नियमित रूप से धोते रहना चाहिए वरना चेहरे पर रैशेज होने का खतरा रहता है।


पेट के बल सोना कैसे त्वचा पर असर डालता है?
बहुत से लोगों को पेट के बल सोना बहुत पसंद है लेकिन यह किसी के लिए भी सोने का सबसे गलत तरीका है। जब हम सोते हैं, हमारी त्वचा को सांस लेने की जरूरत होती है। यह पोजिशन पूरे फेस को तकिए में दबा देती है जिससे त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। बंद रोम छिद्र के कारण पिंपल, चेहरे पर लकीरें और स्किन संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। अक्सर इसी पोजिशन में सोते रहने से आंखो में सूजन की समस्या हो सकती है। आपका चेहरा हर रात करीब 8 घंटे तक तकिए के विपरीत दबा रहता है, इससे आपकी त्वचा पर बहुत दबाव पड़ता है। यह आपके फेस को फ्लैट बनाता है और त्वचा पर झुर्रियां भी पड़ती हैं। इन सबसे बचने के लिए इस पोजिशन में सोने से परहेज करना चाहिए।


करवट लेकर सोने का प्रभाव?
पेट के बल सोने की अपेक्षा एक करवट सोना कम नुकसानदेह है। फिर भी यह एक आदर्श पोजिशन नहीं है। जब आप एक साइड होकर सोते हैं यानी एक करवट लेकर सोते हैं आपके चेहरे के एक साइड पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है जिस वजह से यह चीकबोन को फ्लैट कर देता है। साथ ही एक ही तरफ बार-बार घर्षण और दबाव पड़ने पर झुर्रियों की भी समस्या हो सकती है। यदि आप कोई स्किनकेयर प्रॉडक्ट इस्तेमाल करते हैं तो वह तकिए पर फैल जाता है और त्वचा उसे ऐब्जॉर्ब नहीं कर पाती।


पीठ के बल सोने से पड़ता है क्या फर्क?
पीठ के बल सोना एक आदर्श पोजिशन है। सबसे पहले तो यह आपकी फेशियल स्किन त्वचा पर प्रेशर नहीं डालता जिससे फाइन लाइन्स, स्किन फ्लैटनिंग जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं और आपकी त्वचा जवां और मुलायम बनी रहती है। एक तरफ सोने से या पेट के बल सोने से शरीर का द्रव आंखों के पास जमा हो जाता है जिससे आंखों में सूजन महसूस होती है लेकिन पीठ के बल सोने पर ऐसा नहीं होता। इसके अलावा इस पोजिशन में तकिए के कवर से आपका फेस टच नहीं होता जिससे ऑइल और गंदगी चेहरे तक नहीं पहुंचती। ऐसे में आपकी स्किन और फेस की भलाई इसी में है कि आप पीठ के बल सोएं।

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