भोपाल
 वैसे तो मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों से मानसून विदाई ले चुका है। वहीं, राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में आसमान से बादल साफ हो चुके हैं। आसमान साफ होने की वजह से रात के समय ठंडक बढ़ गई है। ज्यादातर खुले इलाकों में रात के समय ओस पड़ने लगी है। एक पश्चिमी विक्षोभ गुरुवार शाम तक जम्मू-कश्मीर पहुंचने का अनुमान भी सामने आ चुका है। इसे देशभर से मानसून की विदाई के संकेत माना जा रहा है। लेकिन हालही में मौसम विज्ञान कैन्द्र जारी बयान में सामने आया है कि, बंगाल की खाड़ी में अब भी एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रीय हो रहा है, जिसके चलते अभी मानसून के पूरी तरह से जाने के बारे में साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता।

यहां है बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी सक्रीय कम दबाव का क्षेत्र के कारण फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि, मानसून पूरी तौर पर जाने लगा है। अगर स्थितियां ऐसी ही बनी रहीं तो, आगामी दिनो में मध्य प्रदेश समेत, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत देश के लगभग आधा दर्जन प्रदेशों में कुछ दिन के लिए बारिश का सिलसिला फिर से शुरु हो सकता है। इस सिस्टम के बनने से से कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं। हालांकि, अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो, यहां अब तक औसत से आठ फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। साथ ही राजधानी भोपाल के लिए चिंता इस बात की है कि, यहां अब तक कुल 767.1 मिमी. बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 228.1 मिमी. कम दर्ज हुई है।

राजधानी पर नहीं होगा खास असर

वैसे तो मध्य प्रदेश में इस बार 1 जून से 30 सितंबर तक मानसूनी सीजन माना गया था। इस वर्ष राजधानी में बरसात अभी तक सामान्य वर्षा के आंकड़े से काफी दूर है। सीजन में सामान्य बरसात 1086.6 मिमी. होती है। लेकिन बुधवार सुबह तक सीजन में कुल 767.1 मिमी. बरसात हुई है, जो अभी सामान्य से 22 सेमी.कम है। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार, 14 से 20 सितंबर के बीच बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की भारी संभावना है। लेकिन, इसका असर राजधानी के बजाय प्रदेशभर में ज्यादा रह सकता है।

Source : Agency