मुंबई। स्वरसाम्राज्ञी, भारत रत्न लता मंगेशकर ने फिलहाल जारी 'मीटू' मुहीम पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा-'नौकरीपेशा महिलाओं का मान, सम्मान रखा जाना चाहिए। उन्हें उनका अधिकार दिया ​जाना चाहिए। उनका अधिकार, पद, प्रतिष्ठा यदि कोई नकारता है तो ऐसे लोगों को उनकी जगह दिखा दी जाना चाहिए।' 

वरिष्ठ गायिका मीना मंगेशकर-खडीकर की पुस्तक 'मोठी तिची सावली' यानि बड़ी उसकी छाया' के संदर्भ में उन्होंने एक निजी न्यूज एजेंसी को दी भेंट में उन्होंने 'मीटू' पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 'मेरे दुर्वयवहार करने वाला बच नहीं सकता।' पुस्तक के बारे में उन्होंने कहा कि 'मेरी बहन से ज्यादा मुझे कौन चहचानेगा? मेरी पैदाईश के वक्त से वह मेरे जीवन का एक हिस्सा रही है। मीना की लड़की रचना मेरे बहुत करीब थी। मेरे अनेक कार्यक्रमों में वो मेरे साथ होती थी। वो मेरे आत्मचरित्र का अंग्रेजी अनुवाद रि रही है। जल्दी ही यह पुस्तक बाजार में आएगी।' लताजी ने कहा कि यह आत्मचरित्र हिंदी में भी आने वाला है। हिंदी अनुवाद के लिए अंबरीश मिश्रा के नाम पर विचार किया जाने की बात भी उन्होंने कही। 
 

Source : mumbai desk