नई दिल्ली
जेनपैक्ट कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरुप राज ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वरुप के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। बताया रहा कि कुछ दिन पहले #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप में कंपनी ने उसे सस्पेंड कर दिया था। स्वरुप ने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी का जिक्र किया और लिखा कि वह उससे बहुत प्यार करता है। उसने लिखा कि उस पर झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए।
 
राज ने लिखा कि ऑफिस की ही दो लड़कियों ने उसे झूठा फंसाया। भले ही जांच के बाद उसे निर्दोष करार भी दे दिया जाए लेकिन भविष्य में लोग उस पर शक की निगाहों से ही देखेंगे। ऐसे में वो कैसे कंपनी में वापिस जाएगा। वहीं उसकी पत्नी की इज्जत भी समाज में कम होगी और लोग उसे बातें सुनाएंगे, वह यह सब बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। यौन उत्पीड़न के आरोप में राज पर अभी जांच चल रही थी और उसे तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया था।
 वह 2007 से जेनपैक्ट में काम कर रहा था और उसकी पत्नी भी इसी कंपनी में साथ काम कर रही थी। स्वरुप एर्नाकुलम केरल का रहने वाला था और अपनी पत्नी के साथ नोएडा में पैरामाउंट सोसायटी में रहता था। स्वरूप और कृति ने दो साल पहले लव मैरिज की थी। कंपनी से निलंबित होने के बाद राज काफी परेशान रहने लग गया था। उसने रात करीब 12 बजे स्वरूप ने अपने कमरे में फांसी लगाई, जब पत्नी घर पहुंची तो उसने देखा कि शव पंखे से लटका हुआ था। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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