नई दिल्ली 
असम में एनआरसी को लेकर चुनाव आयोग से बड़ा सवाल पूछा है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से पूछा कि ऐसे लोगों का क्या होगा, जिनका नाम जुलाई में पब्लिश होने वाली एनआरसी में नहीं है, लेकिन मतदाता सूची में दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा कि 1 जनवरी 2018 से 1 जनवरी 2019 के बीच मतदाता सूची में कितने नाम जोड़े गए और कितने नाम घटाए गए। मामले की अगली सुनवाई अब 27 मार्च को होगी।  


बता दें कि इससे पहले 19 फरवरी को मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे को लेकर असम सरकार को फटकार लगाई थी। चीफ जस्टिस ने कहा कि असम एनआरसी से 40 लाख लोगों को बाहर किया गया है। जबकि सरकार सिर्फ 52 हजार लोगों को ही विदेशी घोषित किया है। कोर्ट ने कहा था कि आप लोगों को कैसै भरोसा दिलाएंगे जब आप खुद ही भ्रम पैदा कर रहे हैं। 

वहीं असम में चुनाव आयोग से जुडे़ एक अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही एनआरसी प्रक्रिया का मतदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में हैं, वे वोट डाल सकेंगे। 

राज्य में कानूनी नागरिकों का पंजीकरण करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान का काम करके एनआरसी अपडेट किया जा रहा है। पिछले साल जुलाई में प्रकाशित NRC के ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ में से 40.07 लाख आवेदकों के नाम शामिल नहीं किए गए थे, जिससे यह चिंता बढ़ गई कि वे अब अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। 

Source : Agency