लखनऊ
लोकसभा चुनाव के पहले दौर में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कुछ सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को झटका दे सकती है। दरअसल, कांग्रेस ने इन सीटों पर ऐसे उम्मीदवार खड़े किए हैं जो भाजपा उम्मीदवारों के वोट काटकर समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को फायदा पहुंचा सकते हैं। लोकसभा चुनाव के पहले दौर में प्रदेश में सहारनपुर, कैराना, बिजनौर, बागपत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान होगा।

मेरठ संसदीय सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री बनारसी दास के बेटे हरेंद्र अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। यहां से भाजपा ने दो बार सांसद रह चुके राजेंद्र अग्रवाल को टिकट दिया है। मेरठ सीट पर करीब ढाई लाख व्यापारी वोटर हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के बीच इन वोटों के बंटने से बसपा के उम्मीदवार हाजी याकूब कुरैशी का फायदा हो सकता है। गाजियाबाद सीट पर पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मुकाबले कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा हैं। वह यहां अगड़ी जातियों के वोट काटकर सिंह के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हैं। इस सीट से गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल हैं।  

गौतमबुद्धनगर सीट पर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर कड़ी टक्कर दे सकते हैं। यहां कांग्रेस ने अरविंद कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है और वह अगड़ों के वोट काट सकते हैं। वहीं, कैराना संसदीय सीट पर कांग्रेस ने जाट नेता हरिंदर मलिक को प्रत्याशी बनाया है और वह जाट वोटों में सेंध लगाकर भाजपा के लिये परेशानी पैदा कर सकते हैं।  कांग्रेस ने मुजफ्फरनगर में रालोद अध्यक्ष अजित सिंह और बागपत में उनके बेटे जयंत चौधरी के मुकाबले कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में इन दोनों सीटों पर भाजपा और रालोद के बीच ही सीधी टक्कर होने की उम्मीद है।  सहारनपुर संसदीय सीट की बात करें तो यहां कांग्रेस के प्रत्याशी इमरान मसूद अल्पसंख्यकों के वोट काट सकते हैं। इस सीट पर बसपा ने भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारा है। 

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