अक्सर हम बचपन से सुनते आ रहे है कि इंसान के अच्छे और बुरे कर्मों का सारा लेखा जोखा भगवान अपने रखते हैं। मनुष्यों के कर्मों के आधार पर उन्हें स्वर्ग या नर्क भेजा जाता है। ऐसा भी कहा जाता है ज्यादा पापी व्यक्ति की आत्मा लोहे की कडाही में गर्म तेल में डाला जाता है और जिसने पुण्य किया है उसकी आत्मा को स्वर्ग मिलेगा। ये बात कितनी सच है इसके बारे में कोई पता नहीं। लेकिन एक ऐसा देश है जहां नरक का मंदिर है। 

नरक का ये मंदिर थाईलैंड के शहर चियांग माइ में है। इस मंदिर में देवताओं की मूर्ति नहीं बल्कि नर्क में जाने के बाद पापियों को कौन- कौन सी सजा दी जाती है, उसे मूर्तियों के जरिए बताया गया है। ये मूर्तियां इतनी डरावनी है जिसे देखने के बाद लोगों की रूह कांप जाती है। 

यहां लोग मरने के बाद पापों के लिए मिलने वाली सजा को देखने आते हैं। मंदिर में ऐसी कई मूर्तियां हैं जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जाता है कि मरने के बाद नरक में बहुत सारे दर्ज सहने पड़ते हैं।

ये मंदिर सनातन और बौद्ध धर्म से प्रेरित है। मंदिर की सभ्यता और संस्कृति पर हिंदू धर्म की छाप दिखाई देती है। 

ये दुनिया का इकलौता नरक मंदिर है जहां लोगों को मरने के बाद उनके पापों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है। इस मंदिर को बौद्ध भिक्षु प्रा क्रू विशानजालिकॉन ने बनवाया था।

इस मंदिर के जरिए वो लोगों को बताना चाहते थे कि पाप करने और लोगों को तकलीफ पहुंचाने का परिणाम आखिर में बहुत ही दर्दनाक होता है। मंदिर में ऐसी बहुत सी डरावनी मूर्तियां है जिसे देखकर लोगो की रूह कांप जाएगी। 

मंदिर में कुछ ऐसी मूर्तियां हैं, जिसमें मरने के बाद पापियों को खौलते हुए कढ़ाई के तेल में डाला गया है। कुछ लोग पापियों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर रहे हैं।

हुत से लोगों के शरीर का एक हिस्सा काटकर उन्हें छट-पटाते हुए छोड़ दिया गया है। इस मंदिर में लोग अपने पापों का प्रायश्चित करने आते हैं, ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस मंदिर में आकर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं उनके सारे पाप धूल जाते हैं। इस मंदिर को Wat Mae Kaet Temple भी कहा जाता जाता है।

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