चीनी वैज्ञानिकों ने एक बंदर के भीतर इंसानी दिमाग के जीन्स डालने में सफलता हासिल की है। बीते माह बीजिंग की एक नेशनल साइंस रिव्यू मैगजीन में छपे एक शोध के अनुसार वैज्ञानिकों ने दिमागी विकास से जुड़े एक ह्यूमन जीन- MCPHI को एक वारयस के जारिए बंदर के एब्रियो डाला था। चीनी वैज्ञानिकों का दावा है कि 11 बंदरों में एचसीपीएच-1 जीन ट्रांसप्लांट कर इन्हें तैयार किया गया है।

प्रयोग में वैज्ञानिकों ने पाया कि इंसान की ही तरह बंदरों के दिमाग को विकसित होने में भी समय लगा है। इन बंदरों के दिमाग को अब इंसान की तरह बताया जा रहा है। अगर सचमुच ऐसा होता है तो चीन के लिए ये काफी बड़ी सफलता साबित होगी। वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में मालूम हुआ है कि इन बंदरों ने शॉर्ट टर्म मेमोरी में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा इन बंदरों ने जंगली बंदरों की तुलना में किसी बात पर अपनी प्रतिक्रिया देने में तेजी दिखाई है। हालांकि इनके दिमाग का आकार अब भी नहीं बढ़ा है। 

बता दें कि बंदरों में पहले भी अन्य कई जानवरों की तुलना में काफी दिमाग होता है। हाल ही में ऐसी एक खबर आई थी जिसमें एक बंदर दो साल के बच्चे को सिर्फ इसलिए किडनैप कर लेता है ताकि वो उसके साथ खेल सके। ऐसा सुनना थोड़ा हैरानी भरा जरूर है लेकिन सच्चाई भी है। क्योंकि ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बंदर बच्चे को किडनैप कर उसके साथ मौज मस्ती करते हुए दिख रहा है।

जब बच्चे के घरवाले उसे बचाने की कोशिश करते तो वह उसे गले से लगा लेता और जाने नहीं देता। मानो उस बंदर को एक दोस्त चाहिए था जो उसे मिल गया हो। वह वीडियो में बच्चे को जमकर दुलार भी कर रहा है और अपने बच्चे का तरह उसे बालों से जूं भी निकाल रहा है। ये वीडियो हरियाणा का बताया जा रहा था। इसे देख लोग कहने लगे कि बंदर में कितना प्रेम है।

Source : Agency