भोपाल
 भोपाल संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को समर्थन दिया है। निर्दलीय प्रत्याशी ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की रीति नीति से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है और भाजपा प्रत्याशी का समर्थन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

चुनाव में हमनाम उम्मीदवार दिग्गज नेताओं के समीकरण बिगाड़ देते हैं|  2018 में विधासनभा के अखाड़े में भी हमनाम प्रत्याशियों की बाढ़ आई थी जिसका ज्यादा फर्क तो नहीं दिखाई दिया लेकिन इन हमनाम उम्मीदवारों ने हार जीत के अंतर को काफी प्रभावित किया| वहीं विधानसभा की दमोह सीट तो ऐसी थी की जहां कांग्रेस के राहुल सिंह 798 वोट से जीते लेकिन उनके 3 हमनाम 3700 से ज्यादा वोट ले गए| लोकसभा को लेकर भोपाल से भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम की घोषणा की| जिसके बाद प्रज्ञा ठाकुर नाम की एक और महिला ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था|  हमनाम उम्मीदवार के चुनावी मैदान में खड़ा होने से केवल साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ही नहीं, बल्कि भाजपा भी परेशान थी। इसका जिक्र खुद साध्वी प्रज्ञा ने गुरुवार को सीहोर की आमसभा में किया था। आज सुबह निर्दलीय उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर साध्वी के घर पहुंचीं और अपना नाम वापस लेने का ऐलान किया। इस मौके पर साध्वी प्रज्ञा ने भगवा कपड़ा ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।  

साध्वी के बयान से आहत पूर्व एसीपी भी मैदान में

भोपाल लोकसभा सीट देश भर में चर्चा में है| यहां भाजपा से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर तो कांग्रेस से दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं| वहीं मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के जूनियर और महाराष्ट्र के रिटायर्ड अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर रियाजुद्दीन गयासुद्दीन देशमुख ने भी निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। वो साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के शहीद करकरे पर दिए गए बयान से नाराज हैं और इसी के बाद उन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया।

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