दुनिया भर में प्रभावशाली ऊंची प्रतिमाएं इतिहास के महान व्यक्तियो और महत्वपूर्ण घटनाओं के सम्मान के लिए खड़ी हैं। उनमें से कुछ पर्याप्त ऊंचाई के लिए शहर का मुख्य आकर्षण बन गई है। जैसे की सरदार वल्लभभाई पटेल दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। 

इस प्रतिमा की तरह ही दुनिया में अनेकों ऐसी प्रतिमाएं हैं जो बहुत ही विशालकाय हैं। आइए दुनिया भर में सबसे ऊंची प्रतिमाओं पर एक नजर डालते हैं। 

रामायण के सभी पात्रों से भारत का हर व्यक्ति परिचित है। इन्हीं पात्रों में से एक हैं पक्षिराज जटायु। जी हां, वही जटायु जो माता सीता का अपहरण करके ले जा रहे रावण से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उन्हीं पक्षिराज जटायु को समर्पित ‘जटायु नेचर पार्क’ केरल के कोल्लम जिले के चदयामंगलम गांव में बना है। इस पार्क में महाबली जटायु की एक विशालकाय प्रतिमा बनाई गई है जो दुनिया में किसी भी पक्षी की सबसे बड़ी प्रतिमा बताई गई हैं। 

एक पहाड़ पर बनी यह प्रतिमा 200 फीट लंबी, 150 फीट चौड़ी और 70 फीट ऊंची है जो लगभग 7 साल में बनकर तैयार हुई है। इसे 15000 वर्गफुट के प्लेटफार्म पर बनाया गया है। कहा जाता है कि त्रेता युग में इसी स्थान पर जटायु घायल होकर गिरे थे। पार्क बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक वातावरण के करीब लाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर इस प्रतिमा का उद्घाटन किया। यह प्रतिमा अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी है। इसकी लंबाई 182 मीटर है, यानी 597 फीट। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की लंबाई 93 मीटर है। यह प्रतिमा गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर बनाई गई है और इसकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है।

इस प्रतिमा का कुल वजन 1700 टन है। इसके पैर की हाइट 80 फीट है। हाथ की ऊंचाई 70 फीट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है। प्रतिमा का निर्माण राम वी. सुतार की देखरेख में हुआ है। इस प्रतिमा को बनाने में करीब 3 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया। इसकी आधारशिला 31 अक्टूबर, 2013 को पटेल की 138वीं वर्षगांठ के टाइम रखी गई थी। जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 

वैरोचन बुद्ध की एक सबसे विशालकाय बुद्ध प्रतिमा है, जो कि हेनान के जाओकुन कस्बे (लुशान काउन्टी) में चीन में स्थित है। चीन की इस प्रतिमा की ऊंचाई 128 मीटर है। ये अब तक विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति थी।

130 मीटर (427 फीट) ऊंची बुद्ध की प्रतिमा बर्मा में है। भारत की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से पहले इस का स्थान दूसरा था।म्यांमार को मोन्वया शहर के करीब खतकान तुंग गांव में यह प्रतिमा है। 1996 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 21 फरवरी, 2008 को पूरा हुआ था।

यह यूरोप की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसमें मातृभूमि की प्रतीक एक महिला की प्रतिमा है। 85 मीटर ऊंची यह प्रतिमा रूस में है।

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