मंत्रोच्चार के बीस 44 जोड़ों ने एकदूसरे का हाथ थामा
इटारसी। चौरिया कुर्मी समाज के दसवे आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन में 44 जोड़ों ने जीवनसाथी के रूप में एकदूसरे को स्वीकार किया। कार्यक्रम कृषि उपज मंडी परिसर में अक्षय तृतीया के अवसर पर हुआ जहां करीब पच्चीस हजार सामाजिक सदस्यों की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों से आए वर-वधु विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ परिणय बंधन में बंधे।
जिले क बहुसंख्यक चौरिया कुर्मी समाज का दसवा आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश और प्रदेश से आए हजारों लोगों की उपस्थिति में नवयुगलों ने एक दूसरे का हाथ थाम सात वचन और सात फेरे लिए। कार्यक्रम में आए लोगों ने अपनी-अपनी सामथ्र्यानुसार उपहार भी भेंट किए। कार्यक्रम के पूर्व सांसद राव उदयप्रताप सिंह आयोजन स्थल पर पहुंचे थे तो मंगलवार को सुबह विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा भी शामिल हुए। 
सुबह निकली दूल्हों की बारात
मंगलवार को सुबह आयोजन स्थल पर सभी 44 जोड़ों की बारात निकाली गयी। बारात में समाज के युवाओं ने जमकर नृत्य किया। बारात में जोड़ों के परिजनों के अलावा समाज के अनेक लोग शामिल हुए। कृषि उपज मंडी के दो बड़े शेड में विवाह के लिए व्यवस्था की गई थीं और हर जोड़ों के साथ ब्राह्मण की उपस्थिति थी। एक मंच पर विद्वान ब्राह्मण वैवाहिक निर्देश दे रहे थे और रस्में अदा करा रहे थे। सुबह निकली बारात की अगवानी संगठन की युवा टीम ने की। इस मौके पर प्रत्येक दूल्हे को वस्त्र प्रदान किये। द्वाराचार के पश्चात पाणिग्रहण संस्कार हुआ जिसमें 11 विद्वान ब्राह्मणों ने समाज की परंपरा अनुसार करीब दो घंटे में विवाह संपन्न कराया।
मंच पर वरमाला कार्यक्रम
विवाह संपन्न होने के पश्चात मंच पर वरमाला का कार्यक्रम हुआ। यहां सभी 44 नव विवाहितों ने एकदूसरे को वरमाला पहनायी। समाज के सभी वर्गों ने प्रत्येक जोड़े को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र प्रदान कर आशीर्वाद दिया। इससे पूर्व सभी जोड़ों को समाज संगठन की ओर से मंगलसूत्र, बिछियां, कूलर, वाटर केन एवं दस-दस बर्तन उपहार में दिये। स्वच्छता के संदेश के रूप में समाज के वरिष्ठ सदस्य चंद्रगोपाल मलैया परिवार ने प्रत्येक जोड़ों को डस्टबिन प्रदान किये। 
दस जोड़े जाएंगे शिर्डी दर्शन करने
सामूहिक विवाह सम्मेलन में श्रद्धा हास्पिटल भोपाल के संचालक डॉ. रामकुमार पटेल ने दस जोड़ों को शिर्डी यात्रा की जिम्मेदारी ली। इसके अलावा साईंराजा आटो पाट्र्स के संचालक नरेश अरक्का ने भी पांच जोड़ों को शिर्डी-शिंगनापुर की यात्रा की जिम्मेदारी ली। इन जोड़ों का चयन लॉटरी पद्धति से किया गया। इस धार्मिक यात्रा के अलावा दो जोड़ों को तिरुपति में बालाजी दर्शन कराने की जिम्मेदारी बालाजी ग्रुप संचालक कैलाश चौरे ने उठायी। इनका चयन भी लॉटरी पद्धति से किया। इस तरह से 44 में से कुल 17 जोड़ों को धार्मिक यात्रा करायी जाएगी। कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों ने सामूहिक भोज में भी भाग लिया। 
ये रहे लोगों के विचार
हम पिछले दस वर्षों से ही इस सामाजिक आयोजन से जुड़े हंै। काफी अच्छा लगता है कि पूरा समाज एकसाथ इस तरह के आयोजन में शामिल होता है। इससे न सिर्फ एक साथ सबको मिलने का अवसर मिलता है बल्कि समाज की सेवा का मौका भी मिलता है।
लाड़लीप्रसाद पटेल, ग्राम बैंगनिया
इस तरह के आयोजन से ग्राम में एकता का संचार हुआ है। सभी लोग स्वैच्छा से अपनी जिम्मेदारी उठाते हैं। युवा टीम वरिष्ठों के मार्गदर्शन में सारा काम करती है। अच्छा लगता है कि इसके माध्यम से हमें समाज की सेवा का अवसर मिलता है।
मनोज चौधरी, अध्यक्ष युवा टीम
सारा काम सबके सहयोग और परामर्श से होता है। आयोजन से पूर्व बैठकों में सब तय होता है और समाज का हरेक सदस्य अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। हर घर से आर्थिक सहयोग मिलता है और समाज के सदस्य यहां श्रमदान भी करते हैं।
कालीचरण पटेल, तारारोड़ा
इस वर्ष हमारे ग्राम को इस सामाजिक सम्मेलन की जिम्मेदारी मिली है। जिम्मेदारी बड़ी है लेकिन बुजुर्गों के आशीर्वाद और युवाओं के सहयोग से सारा काम बिना किसी परेशानी के संपन्न हो गया है। पहली बार जिम्मेदारी मिली और इसमें सफलता भी मिली। सामाजिक काम करके काफी खुशी महसूस हो रही है।
राकेश चौधरी, ग्राम ब्यावरा