अवैध खनिज परिवहन पर धारा 379 के तहत कार्यवाही की जाए - पुलिस महानिरीक्षक

होशंगाबाद। खनिज संपदा की लीज, खनिज संग्रहण के पट्टे, खनिज भंडारण एवं अवैध खनिज उत्खनन आदि पर प्रभावी नियंत्रण एवं कार्यवाही के परिप्रेक्ष्य में आज नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर आरके मिश्रा की अध्यक्षता में आयुक्त सभाकक्ष में संभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मकरंद देउस्कर, पुलिस अधीक्षक एमएल छारी, मुख्य वन संरक्षक केसी भारद्वाज, अपर कलेक्टर होशंगाबाद केडी त्रिपाठी, अपर कलेक्टर हरदा डॉ.प्रियंका गोयल, अपर कलेक्टर बैतूल जगदीश गोमे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, अनुविभागीय पुलिस अधिकारीगण, वन मंडलाधिकारीगण, समस्त जिला खनिज अधिकारी, समस्त जिला परिवहन अधिकारी, जिला अभियोजन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

      कमिश्नर श्री मिश्रा ने संभाग के सभी राजस्व अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, जिला खनिज अधिकारियों, जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभिन्न खनिज संपदा के उत्खनन की लीज, खनिज संग्रहण के पट्टे एवं खनिज भंडारण की अनुज्ञप्ति, संबंधित स्थलों, पट्टो का सीमांकन आगामी 10 दिनो में अभियान चलाकर पूर्ण करें। कमिश्नर ने कहा कि संभाग में अवैध खनिज का उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन करने वाले व्यक्तियो पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी तथा खनिज का अवैध परिवहन करने पर वाहन राजसात किये जायेंगे। हरहाल में  अवैध भंडारण एवं परिवहन करने वालो के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पट्टे एवं सीमांकन की जाँच के दौरान यह अनिवार्य रूप से देखे कि कोई व्यक्ति अनुमति प्राप्त सीमांकन के बाहर भी अवैध खनिज का उत्खनन कर रहा है तो उस व्यक्ति के विरूद्ध प्रकरण बनाकर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करें। कमिश्नर ने कहा कि बैतूल में नदियों में रेत की कमी होने से लोग पनडुब्बी से रेत निकाल रहे है इस पर सख्त कार्यवाही की जाए। कमिश्नर ने कहा कि अनुज्ञप्ति तीन प्रकार की होती है, व्यक्तिगत भूमि पर, विक्रय सह भंडारण एवं केवल व्यापारिक अनुज्ञप्ति। अधिकारीगण अनुज्ञप्ति की बारीकी से जाँच करें। राजपत्र में दिये गये निर्देशो का बारीकी से अध्ययन करें। खदान का सीमांकन करें और यह चेक करें कि खदान में मुनारे बनी है कि नही एवं खदान सरकारी की जमीन से पृथक है कि नही। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे जाँच करते समय यह भी देखे कि खदान में अनुज्ञप्ति के संबंध में बोर्ड लगा है या नही। यदि खदान के नजदीक खनिज का अवैध उत्खनन पाया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। कार्यवाही के तहत उस व्यक्ति का खदान की लीज निरस्त की जाएगी, नियमानुसार उस पर जुर्माना लगाया जायेगा एवं सक्षम न्यायालय में संपूर्ण प्रकरण की सुनवाई की जायेगी। अवैध उत्खनन की दिशा में अधिकारीगण अवैध उत्खनन सामग्री का आंकलन करेंगे, उसका पूरा ब्योरा लेकर प्रकरण फाईल करेंगे। इस दौरान फोटोग्राफ्स भी प्रकरण में लगाये जायेंगे। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि अवैध गतिविधि करने वालो को नोटिस या पंचनामा एक जैसा न बनाए। शासकीय मुद्रणालय से मान्य प्रपत्र में ही नोटिस दें एवं पंचनाम बनाये। हर अधिकारी एसडीएम, कलेक्टर एवं कलेक्टर न्यायालय में चल रहे खनिज प्रकरणों को स्वयं अटेंड करेंगे तथा फाईल का संधारण करेंगे।

      कमिश्नर ने खनिज अधिकारियों को हिदायत दी कि वे चलते ट्रक का अवैध भंडारण का केस न बनाये क्योकि चलते ट्रक में कोई भंडारण नही होता है। कमिश्नर ने कहा कि नर्मदापुरम् संभाग में खनिज परिवहन के जितने मार्ग हैं उन मार्गो पर खनिज, परिवहन एवं पुलिस अधिकारी लगातार मूव करें तथा सख्त कार्यवाही करें। नयाब तहसीलदार एवं तहसीलदार की रोटेशन के अनुसार इन मार्गो पर ड¬ूटी लगाई जाए। हर अधिकारी अपना मोबाईल 24 घंटे चालू रखें। कमिश्नर ने कहा कि आगामी 10 दिनों में कलेक्टर्स के नेतृत्व में अवैध उत्खनन, भंडारण एवं लीज, सीमांकन संबंधी प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा की गई कार्यवाही से कमिश्नर कार्यालय को अवगत कराया जाए। कमिश्नर ने कहा कि अधिकारीगण न्यायालय में कोई प्रकरण लगाने से पूर्व जिला अभियोजन अधिकारी से उसका परीक्षण करायें ताकि प्रकरण में दोषियों के बचने की कोई गुजांईश न रहे। यदि किसी व्यक्ति ने अनुज्ञप्ति का उल्लंघन किया है तो उसकी लीज निरस्त कर दी जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारी सभी विभागो से समन्वय बनाकर कार्य करें। यदि किसी व्यक्ति ने अपने भंडारण की जानकारी 6 माह में नही दी है तो उसकी विवरणी की जाँच कर खदान की लीज निरस्त की जाए। लगातार स्टॉक पंजी को चेक किया जाए और यह देखा जाए कि खनिज की आवक एवं परिवहन कितना हुआ है। कमिश्नर ने बैतूल में कोयला खदानो से कोयला चोरी की हो रही घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी खनिज अधिकारी एक वाट्सएप ग्रुप बनाए और प्रतिदिन की जा रही कार्यवाही को ग्रुप में डाले।

      पुलिस महानिरीक्षक मकरंद देउस्कर ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे मध्यप्रदेश शासन द्वारा बनाये गये खनिज एक्ट का अध्ययन करलें। इस एक्ट में अधिकारियों को असाधारण अधिकार मिले हैं। इन अधिकार का समुचित उपयोग अधिकारीगण करें। रेड डालने से पहले पर्याप्त गोपनीयता बरतें। श्री देउस्कर ने निर्देश दिये कि पुलिस अधिकारी धारा 379 के तहत अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही करें। यदि जिला खनिज अधिकारी या जिला परिवहन अधिकारी अवैध परिवहन को पकड़ते हैं तो वे प्रकरण पुलिस को सौंप सकते हैं। पुलिस धारा 379 के अंतर्गत कार्यवाही करेंगी। उन्होंने सभी प्रकरण तत्काल कलेक्टर न्यायालय में लगाने के निर्देश दिए और कहा कि जिला कोर्ट में भी इसकी सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी स्वयं रेड डालने के लिए तैयार रहें। यदि खनिज अधिकारी को 4 से 15 पुलिस अधिकारियों की आवश्यकता पड़ती है तो वे सीधे एसडीओपी या पुलिस अधीक्षक से संपर्क करें तत्काल उन्हें फोर्स उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि हर कार्यवाही की विडियोग्राफी अनिवार्य रूप से कराई जाए।

      मुख्य वनसंरक्षक केसी भारद्वाज ने कहा कि वन विभाग अपने वन मार्गो के अंतर्गत खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही करता है। उन्होंने कहा कि समस्त डीएफओ को निर्देश दिये जायेंगे कि वे वन मार्गो से होने वाले परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।