खनिज मंत्री ने स्विमिंग चैम्पियनशिप के विजेता खिलाड़ियो को पदक प्रदान किये

होशंगाबाद। प्रदेश के खनिज संसाधन मंत्री प्रदीप जायसवाल 48 वें स्टेट इक्वेटिक चैम्पियनशिप 2019 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्थानीय ग्राम बुधवाड़ा में मध्यप्रदेश स्विमिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में स्विमिंग चैम्पियनशिप आयोजित की गई थी, जिमसें प्रदेश के सभी जिलो के खिलाड़ियो ने भाग लिया। गत 27 मई से 30 मई तक आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता के तीसरे दिन मंत्री श्री जायसवाल ने स्विमिंग के 50 मीटर बटर फ्लाइ, 100 मीटर बटर फ्लाइ, 50 मीटर एवं 100 मीटर की बालक एवं बालिका टीम के विजेता खिलाड़ियो को पदक वितरित किये। इस अवसर पर उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि चैम्पियनशिप के तीसरे दिन पहुँचने पर हमें हार्दिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। टूर्नामेंट अच्छे तरीके से संचालित हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियो एवं उनके अभिभावको को नमन करते हुए कहा कि खिलाड़ी वह व्यक्ति कहलाता है जो अपने जीवन में कभी भी हार न माने। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियो को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये उनके जीवन का पहला अवसर है जब वे किसी स्विमिंग प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि वे खिलाड़ी भावना को अच्छी तरह समझते हैं क्योकि वे स्वयं क्रिकेट के खिलाड़ी रहे हैं और खिलाड़ी की हैसियत से उन्होंने आसपास के जिलो में जाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी पदक जीतने से वंचित रह गये हैं वे निराश न हो। उन्होंने कहा कि पदक न जीतने वाले खिलाड़ी भी शुभकामनाओं के हकदार हैं।

      खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हर खिलाड़ी में खेल अनुशासन की भावना का होना नितांत जरूरी है। खिलाड़ी होना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। एक खिलाड़ी अपने जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ सकता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियो से कहा कि उन्हें विश्वास है कि ये खिलाड़ी आगे जाकर अपने जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रौशन करेंगे। उन्होंने कहा कि एक्सरासाईज का सबसे सही तरीका है व्यक्ति स्विमिंग करें। स्विमिंग करने से शरीर में आवश्यक गति बनी रहती है। उन्होंने सभी खिलाड़ी एवं उनके अभिभावकों को भविष्य के प्रति शुभकामनाएं दीं।

      इस अवसर पर मध्यप्रदेश तैराकी संघ के अध्यक्ष पीयूष शर्मा, भवानीशंकर शर्मा, जनप्रतिनिधि कपिल फौजदार, प्रकाश शिवहरे, हरीश लौधी, समर सिंह तोमर, अनिल सक्सेना, गोविंद राय एवं लक्ष्मण सिंह गौड़ उपस्थित थे।