किसानो के हित में सरकार का बड़ा फैसला

होशंगाबाद।राज्य शासन ने प्रदेश के किसानो के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब किसानो को कृषि उपज मंडियो में उपज विक्रय करने पर उसी दिन अधिकतम 2 लाख रूपए का नगद भुगतान तथा इससे अधिक मूल्य होने पर शेष राशि बैंक ट्रांसफर से भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी कर दिये गये है। प्रबंध संचालक सह आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा संयुक्त संचालक, उप संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, आंचलिक कार्यालय तथा भारसाधक अधिकारी, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति को यह निर्देश जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि शासन स्तर पर ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि आयकर अधिनियम के सामान्य भुगतान नियम का हवाला देते हुए मात्र 10 हजार रूपए तक ही नगद भुगतान किया जा रहा है। कुछ व्यापारियों द्वारा आयकर अधिनियम की आड़ लेकर नगद भुगतान न कर किसानो से उधारी की जाती है और खरीदी गई उपज आगे बेंचकर राशि प्राप्त होने पर ही कृषकों का भुगतान किया जाता है। आयकर नियम 1961 की धाराओं के अंतर्गत किसानो, उत्पादको द्वारा बेंची गई कृषि उपज पर दो लाख रूपए तक अधिकतम एक लाख 99 हजार 999 रूपए के नगद भुगतान पर पूर्ण छूट है। यह भुगतान प्राप्त करने पर कृषको को उनका पेन कार्ड अथवा फार्म नंबर 7 भेजने की कोई आवश्यकता नही है। कृषि उपज मंडी अधिनियम धारा 37 (2) के अनुसार मंडी प्रागंण में खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान विक्रेता को उसी दिन मंडी प्रांगण में किया जाना जरूरी है। उसी दिन भुगतान नही होने की स्थिति में इसी धारा में विक्रेता को देय राशि के एक प्रतिशत रोजाना की दर से अतिरिक्त भुगतान 5 दिवस में करने का प्रावधान है। साथ ही इस अतिरिक्त अवधि में भुगतान का व्यतिक्रम होने पर मंडी अधिनियम की इसी धारा में क्रेता व्यापारी की अनुज्ञप्ति छठवें दिन स्बत रद्द मानी जायेगी। मंडी सचिव अनुज्ञा पत्र जारी करने के पूर्व यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानो का भुगतान हो चुका है। इन निर्देशो का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रो से उद्घोषणा करने के निर्देश भी जारी किये गये है। किसानो की भुगतान संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए मंडी सचिव एवं प्रांगण प्रभारी, भुगतान प्रभारी के नाम और मोबाईल नंबर भी सहज रूप से दिख जाने वाले स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा गया है।