होशंगाबाद। पंचम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय योग अभ्यास का कार्यक्रम स्थानीय शांति निकेतन सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में  नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर रवींद्र कुमार मिश्रा, अपर आयुक्त आशकृत तिवारी, कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ सुजान सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक एमएल छारी, सभागीय शिक्षा अधिकारी श्री त्रिपाठी, मीडिया प्रतिनिधिगण सहित अन्य अधिकारियों ने स्कूली छात्र-छात्राओं, एनसीसी के बच्चों के साथ योग अभ्यास किया।

        इस अवसर पर कमिश्नर रवींद्र मिश्रा ने सभी अधिकारियों एवं सभी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमारे देश की विरासत है और हमे अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने आव्हान किया कि अपने तनमन को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाए। योग हमारे शरीर, मन और आत्मा को आत्मिक शांति प्रदान करता है। हमारी भारतीय परम्परा के प्रतीक योग को मान्यता प्रदान कर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और इसे दुनिया के अनेक देशो ने सहर्ष अपनाया है । 

      होशंगाबाद जिले के शांति निकेतन स्कूल में आयोजित योग अभ्यास के कार्यक्रम में प्रार्थना के बाद चालन संचालन, स्कंध संचालन, कटी चालान क्रिया, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्ता आसन, अद्र्धचक्रा आसन, त्रिकोणाआसन का अभ्यास कराया गया। इसके पश्चात बैठ कर किए जाने वाले आसान का अभ्यास किया गया। बज्रासन की क्रिया की गई। इसके अंतर्गत अद्र्धउत्तासन का अभ्यास सभी लोगो ने किया। इस अभ्यास को करने से कमर के दर्द में राहत मिलती है। कमर का दर्द ठीक होता है। अद्र्ध उद्दासन का अभ्यास किया गया। इस आसन को करने से दृष्टि ठीक होती है। नेत्रों की ज्योति बढती है। इसके पश्चात शीर्षासन का अभ्यास कराया गया। इस आसन को करने से तनाव व घबराहट से मुक्ति मिलती है। इसके पश्चात् उत्तान मंडुका आसन का अभ्यास सभी लोगो ने किया इस आसन को करने से पीठ एवं गर्दन की तकलीफ से छुटकारा मिलता है। चक्रासन का अभ्यास किया गया। यह आसन मधुमेय नियंत्रण में बहुत सहायक होता है। इसके पश्चात मगरासन किया गया। यह आसन शरीर एवं मन को विश्राम प्रदान करता है। भुजंग आसन तनाव से राहत दिलाता है। चरण आसन, शरीर के दंड में आराम दिलाता है। इसके पश्चात सभी लोगों ने सेतुबंध आसन का अभ्यास किया। यह आसन अवसाद की रोकथाम में सहायता करता है। इसके पश्चात अद्र्धहला आसन किया गया इस आसन को करने से उच्च रक्तचाप की रोकथाम में सहायता मिलती है। उसके पश्चात पवन मुक्तासन का अभ्यास किया गया। इस अभ्यास को करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है। इसके पश्चात शवासन का अभ्यास किया गया। यह आसन चिंता व तनाव को दूर करने में लाभ दायक है। सभी लोगों ने कपाल भारती के तीन चक्रों का अभ्यास किया एवं अनुलोम, विलोम प्राणायाम का अभ्यास किया। सभी लोगों ने भ्रमरी प्राणयाम का अभ्यास किया इस अभ्यास को करने से मन शांत प्रसन्न और एकांतचित रहता है।