- अभियान की जलसंरक्षण मुहिम की सराहना
- एसडीएम ने तालाब के पास सीडबाल रोपीं
- मानसून में वृहद स्तर पर पौधरोपण पर चर्चा
इटारसी। नर्मदांचल जल अभियान के सदस्यों ने डॉक्टर सुनीता सिंह के नेतृत्व में आज दोपहर एसडीएम हरेंद्र नारायण से मुलाकात की और उनको अभियान की संक्षिप्त जानकारी दी और उद्देश्यों से परिचित कराया। इस दौरान उन्हें खेड़ा तालाब के गहरीकरण संबंधी प्रोजेक्ट से अवगत कराते हुए आमंत्रित किया। एसडीएम श्री हरेंद्र नारायण ने शाम को खेड़ा तालाब पर आकर निरीक्षण किया और अभियान को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।  
नर्मदांचल जल अभियान के सदस्यों ने अपने अभियान के चालीसवे दिन एसडीएम हरेन्द्र नारायण से मिलकर खेड़ा तालाब पर चल रहे प्रोजेक्ट की जानकारी दी और उनको तालाब पर निरीक्षण के लिए आमंत्रित किया। यहां एसडीएम ने तालाब का निरीक्षण कर अभियान की न सिर्फ सराहना की बल्कि गहरीकरण में भी योगदान करने प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया। इस अवसर पर अभियान से जुड़े सदस्य अजय राजपूत, कन्हैया गुरयानी, भारत भूषण गांधी, विजय चौधरी बाबू, रोहित नागे, अरविंद शर्मा, संजय मनवारे, राजकुमार उपाध्याय, मयूर जैसवाल, पंकज राठौर, गोल्डी बैस, हेमराज यादव सहित अभियान से जुड़े अनेक सदस्य मौजूद थे। 
तालाब निरीक्षण के बाद एसडीएम हरेन्द्र नारायण ने कहा कि अभियान से जुड़े कुछ वॉलिंटियर्स हमारे पास आए थे और तालाब संंबंधी जानकारी दी थी। दरअसल पहले यह तालाब काफी गहरा था और इससे वाटर रीचार्जिंग होकर शहर के बड़े हिस्से को जल मिलता था। लेकिन, अब इसमें बड़ी मात्रा में मिट्टी मिलने से इसकी गहरायी कम हो गयी है। अभी हमारी प्राथमिकता है कि हम इसकी मिट्टी निकालकर गहरा करें। प्रशासन इस अभियान में यह मदद करेगा कि जहां भी शासकीय कार्य चल रहे हैं, वहां इस मिट्टी का उपयोग होगा और जो कंपनी मिट्टी ले जाएगी वह शासन को रॉयल्टी देगी। जहां तक जिला पंचायत से सहयोग का सवाल है, फिलहाल हमारी प्राथमिकता इसके गहरीकरण की है, जब सौंदर्यीकरण की बात आएगी तो हम जिला पंचायत से भी सहयोग लेंगे।
 इस अवसर पर एसडीएम ने तालाब के आसपास सीड बाल का रोपण भी किया। अभियान के सदस्यों ने एसडीएम हरेन्द्र नारायण से नर्मदांचल जल अभियान की आगामी कार्ययोजना पर चर्चा भी की। कुछ बारिश होने पर प्रारंभ किये जाने वाले पौधरोपण के विषय में एसडीएम को जानकारी दी साथ ही नहरों के आसपास पौधरोपण की योजना पर चर्चा की गई। इसके अलावा तालाब के आसपास मिट्टी से ऊंची पाल बनाने, पाथ-वे तैयार करने सहित अन्य योजना पर बात की जिसकी एसडीएम ने सराहना की। खेड़ा तालाब की पर्याप्त गहरायी के बाद यदि बहुत अधिक बारिश नहीं होती है और तालाब में पानी कम एकत्र होता है, इस आशंका के चलते तालाब के आसपास के वेयर हाउस और अन्य औद्योगिक भवनों का पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कराने तालाब में पानी लाने की योजना और संभावना पर भी बातचीत की गई। दरअसल तालाब के आसपास बड़े-बड़े वेयर हाउस हैं जिनका पानी तालाब में लाकर इस तालाब को भरा जा सकता है।