।। वेतन नही मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहेे सड़क निर्माण लगे कर्मचारी एवं मजदूर।।
:: बरसात में हो रहा रास्ता बाधित, कीचढ़ के कारण आवागमन हुआ मुश्किल
:: पुल-पुलिया छोड़ी अधूरी, ग्रामीणों की मुसीबत
:: सड़क निर्माण में लगे कर्मचारियों एवं मजदूरों नही दिया छह माह से वेतन

इटारसी। इटारसी से धरमकुंडी मार्ग पर काफी समय से काम बंद होने के कारण यह अधूरा पड़ा हुआ। पिछले दो महिने से बंद हुये इस मार्ग के काम से एक ओर जहाँ इस सड़क निर्माण में लगे कर्मचारी और मजदूर बेरोजगार हो गये, वहीं दूसरी और अब बारिश के समय इस मार्ग से निकलने वाले राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    इटारसी से धरमकुंडी मार्ग का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा हुआ है, ठेकेदार द्वारा इसका कारण ठेका कंपनी का पेमेंट नहीं होना बताया जा रहा है। जबकि इस मार्ग के निर्माण लगे कर्मचारियों एवं मजदूरों का कहना है कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन नही दिया गया है, जिसके कारण बाहर से काम करने आये मजदूर और कर्मचारी काम छोड़कर जा चुके है, और  जो बाकि है वह वेतन नही मिलने से काम बंद कर चुके है, और वेतन को लेकर ठेकेदार के चक्कर काट रहे है। जबकि ठेकेदार द्वारा उन्हें कोई उचित कारण नही बताते हुये वेतन का भुगतान नही करने के बजाये डरा-धमका रहा है।
।। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी और मजदूर।।
    इटारसी से धरमकुंडी मार्ग में लगे कर्मचारी एवं मजदूरों का कहना है अधिकांश लोगों को दीपावली के बाद से वेतन नही दिया गया है, ऐसे में अभी तक वह कर्जा लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण इस उम्मीद से कर रहे थे, कि उन्हें पूरा वेतन इकट्ठा मिल जायेगा तो वह अपना कर्ज उतार देंगे। लेकिन सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार द्वारा छह माह से वेतन नही दिये जाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। बच्चों के स्कूल खुल चूके न उनकी फीस भरने, डे्रस, कॉपी-किताब के लिए पैसे है, न ही घर का खर्च चलाने के लिए पैसे है। दूसरा अभी तक जिन लोगों से उधार लेकर घर का खर्च चला रहे थे, उन्होंने ने भी पैसे वापस मांगना प्रारंभ कर दिया है। ऐसे में कुछ मजदूर जो काम के लिए बाहर से आये वह बिना वेतन लिए लौट गये है, लेकिन आसपास के क्षेत्र के जो लोग है वह आज भी ठेकेदार के पीछे वेतन के लिए चक्कर काट रहे है, जबकि ठेकेदार उन्हें डरा-धमकाकर वेतन नही देने की बात कर रहा है।
।। कालिका इंटरप्राईजेस बाबई के पास ठेका।।
    ज्ञात हो कि इटारसी से धरमकुंडी मार्ग का काम मेसर्स कालिका इंटरप्राईजेस, बाबई द्वारा कराया जा रहा है। जिसका ठेकेदार मंगलसिंह ठाकुर है, इन्हें के द्वारा कर्मचारियों एवं मजदूर को मेसर्स कालिका इंटरप्राईजेस की पर्ची काटकर भुगतान किया जाता है। उक्त ठेकेदार अपनी पहँुच ऊपर तक होने की बताते हुए मजदूरों को डरा-धमका रहा है, और कहा रहा है जिसने शिकायत करना है, कर लो मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता है। लेकिन मैं किसी को वेतन नही दूंगा। पूरे मामले को लेकर पत्रकारों ने जब ठेकेदार से मोबाईल पर संपर्क करना चाह तो उन्होंने किसी से भी मोबाईल पर बात नही की। इससे यही साबित होता है कि ठेकेदार मीडिया बात न करके से बचना चाहता है। कर्मचारी एवं मजदूरों ठेकेदार की शिकायत लेकर अब क्या करें और किसके पास जाये उनको समझ नही आ रहा है? मजदूरो को इतना डराया गया है कि उन्होंने पैपर में नाम न छापने की बात को लेकर ही अपनी तकलीफ बतायी है। लेकर सामने आकर कोई भी अधिकारियों से शिकायत नही करना चाहता है।  
।। पुल पुलिया अधूरी।।
    इटारसी से धरमकुंडी मार्ग पर काफी समय से काम बंद होने के कारण यहां पुल-पुलिया अधूरी हैं। इटारसी से 18 किलोमीटर दूर हथेड़ नदी पर ढाबा कला पुल का काम भी बंद पड़ा हुआ है। गांववालोंं ने कहा कि यदि बारिश से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो आने-जाने का संपर्क टूट जाएगा। इस रास्ते से 40 गांवों के लोग आते-जाते हैं। पुल नहीं बना तो स्कूली छात्र-छात्राएं परेशान होंगे। किसी मरीज को इटारसी अस्पताल लाना हो तो नहीं ला सकते। लेकिन अब बारिस चालू हो चुकी है, और काम भी बंद पड़ा हुआ ऐसे में अब इन पुलिया का निर्माण होना संभव नही लग रहा है। ऐसे में अब बारिश के चार माह ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
।। रूक-रूक लंबे समय से चल रहा है मार्ग का कार्य।।
     सड़क-इटारसी-धरमकुंडी
     निर्माण लागत-50 करोड़
     लंबाई-30 किलोमीटर
     रूक-रूक सेेे चल रहा काम
     धरमकुंडी से इटारसी 30 किलोमीटर का रोड है। यह रोड 50 करोड़ रूपए की लागत से बन रहा है। इस सड़क का काम पिछले कई सालों से रूक-रूक कर चल रहा है। अधूरी रोड में सबसे ज्यादा समस्या यहाँ लगे गाँवों को हो रही है यहाँ सड़क खोदकर छोड़ दी गई है, इस पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो रहा है। यह सड़क साढ़े पाँच मीटर सीमेंट-कांक्रीट और सोल्डर सहित 10  मीटर चौड़ा रोड बनाया जाएगा। इस सड़क मार्ग से जमानी, पीपलढ़ाना, तीखड़, धांई, खटामा, बाबई खुर्द, टेमला सहित एक दर्जन गांव के लोग आना-जाना करते है। अधूरे पड़े इस मार्ग से ऐसे में पूरे बारिश के मौसम में परेशानी का सामना लोगों को करना पड़ेगा।