*किसानों, महिलाओं, युवाओं के साथ ही समाज के सभी तबकों का सरकार ने बजट में रखा ध्यान: केलू उपाध्याय*
 
इटारसी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय ने जारी बयान में मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री तरूण भनोट द्वारा आज प्रस्तुत बजट को प्रदेश के विकास की आधारशिला निरूपित करते हुए कहा कि आज के बजट से यह साफ हो गया है कि अगले पांच वर्षों में कमलनाथ सरकार प्रदेश के विकास का स्वार्णिम अध्याय लिखेगी
आज जारी अपने वक्तव्य में उपरोक्त विचार व्यक्त करते हुए केलू उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश के साढ़े सात करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को दृष्टिगत रखकर बनाए गए इस बजट से वित्तमंत्री तरूण भनोट ने कमलनाथ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को स्पष्ट कर दिया है। इस बजट में प्रदेश के किसानों, महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछडा और सामान्य वर्गों के हितों का ध्यान रखने के साथ ही प्रदेश के चहुंमुखी विकास और रोजगार पर पूरी तरह से जोर दिया गया है, जो स्वागत योग्य है
प्रदेश काँग्रेस प्रवक्ता केलू उपाध्याय ने कहा कि प्रस्तुत बजट में विनियोग की राशि में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने के साथ ही किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के बजट में 66 प्रतिशत की वृद्धि की गई है , पूंजीगत व्यय में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जय किसान ऋण माफी योजना हेतु फिलहाल 8000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, इन्दिरा किसान ज्योति एवं कृषि पंपों हेतु 7117 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, गेहूं पर 160 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने हेतु 1600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, कृषि क्षेत्र में रोजगार हेतु मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना प्रारंभ कर इसके लिए 100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, सहकारी बैंकों को अंशपूंजी हेतु 1000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, पेंशन प्रदाय एवं मुख्यमंत्री हेतु कन्या विवाह/निकाह योजना हेतु सामाजिक न्याय विभाग का बजट 43 प्रतिशत से बढ़ाकर 2891 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। 
केलू उपाध्याय ने कहा कि इन सब के अलावा युवा स्वाभिमान योजना हेतु विभिन्न विभागों में 330 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, प्रदेश में लगने वाले नए उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासियों को प्रदाय करने हेतु कानूनी प्रावधान पर कार्य किया जायेगा, शासकीय भूमि के बेहतर प्रबंधन हेतु "लैंड मैनेजमेंट अथाॅरिटी" का प्रस्ताव है, जल संरक्षण हेतु 36 जिलों की 40 नदियों पर नदी पुनर्जीवन अभियान चलाया जायेगा, पेयजल के अधिकार हेतु 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, स्वास्थ्य सेवाओं में 32 प्रतिशत की वृद्धि के प्रावधान के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी हेतु सुषेण संजीवनी योजना का प्रावधान है, भोपाल इंदौर एक्सप्रेस-वे पर सैटेलाइट टाउन, औद्योगिक क्षेत्र एवं ड्राई पोर्ट की योजना का प्रावधान किया गया है।
 प्रदेश काँग्रेस प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय ने कहा कि केवल यही नहीं अनुसूचित जनजाति उपयोजना हेतु 33,467 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, अनुसूचित जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण के लिए आष्ठान योजना का प्रावधान किया गया है, अनुसूचित जनजाति वित्त निगम के माध्यम से दिए गए 1 लाख रूपये तक के ऋण माफ का प्रावधान किया गया है, अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 22,793 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, अनुसूचित जाति वित्त निगम के माध्यम से दिए गए 1लाख रूपये तक के ऋण माफ किये जाने का प्रावधान किया गया है, इसके अतिरिक्त सड़क निर्माण एवं सिंचाई योजनाओं के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
     केलू उपाध्याय ने कहा कि कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गये इस बजट में कृषि, उद्यानिकी, वानिकी, सहकारिता, पशुपालन एवं मछुआ कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, सड़क एवं पुल, नर्मदा घाटी विकास, सिंचाई सुविधा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आदिमजाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ जनजाति कल्याण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, महिला एवं बाल विकास, ऊर्जा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम, श्रम संस्कृति एवं पर्यटन, कानून व्यवस्था, राजस्व, विधि एवं विधायी कार्य जैसे क्षेत्रों सहित प्रदेश के समग्र विकास हेतु विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की गई है।
       मध्यप्रदेश काँग्रेस कमेटी प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश की जनहितैषी कमलनाथ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में वर्णित उपरोक्त तथ्यों से साफ हो जाता है कि पिछले 15 वर्षों के कुशासन से मुक्त होकर यह प्रदेश, अब सही, सुयोग्य और सक्षम नेतृत्व के द्वारा संचालित हो रहा है और इस बात में कोई शक नहीं कि अगले 5 वर्षों में यह प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शुमार होकर रहेगा।