मन्दसौर 
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लोगो की जागरूकता सामने आना शुरू हो गई है। यह भी कोई आश्चर्य से कम नही कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की लोकप्रियता और उनके जनहितैषी निर्णयों के बावजूद वे यह क्यों नही विचार कर रहे है कि आखिर मन्दसौर जिले के लोग एकिसान उनसे नाराजी क्यो रख रहे है।किसान आंदोलन के समय उनकी पार्टी के नेताओ  की भूमिका केसी रही।भ्रष्टाचारए गन्दे नालो पर कालोनियाएतेलिया तालाब जैसे ज्वलंत मुद्दों ने आम जनमानस को झकझोर दिया लेकिन बीजेपी पर असर की बजाय जनता में मुद्दों को लेकर चर्चाओ को लेकर मुख्यमंत्री का कदम चुनाव को ध्यान में रख कर भी सामने नही है।मुख्यमंत्री और बीजेपी हाईकमान के कदम अब तक जनमानस को संतुष्ट करने वाले सामने नही है।

कही पुलिया के अभाव में नन्हे मुन्ने स्कूल जाने के लिये परेशान है तो कहीं सड़क के लिये वर्षो से ग्रामीण संघर्ष कर रहे है। आखिर उस स्थिति में क्यो जबकि सरकार द्वारा सांसद और विधायक निधि अपने जनप्रतिनिधियों को दी जाती है। जब इन नेताओं को अपने निर्वाचन क्षेत्र की प्राथमिकताओं की इन्हें नही मालुम तो जनता किसे कहेगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा क्यो इस और ध्यान नही दिया जारहा है कि आखिर सांसद और विधायक निधि का उपयोग कहा और कैसा हो रहा है।

 अब सरकार 20 लाख रु लागत तक कि सड़क को इस प्रकार की निधि से बनाने के लिये अधिकार की बात बता रही है तो क्या इस निर्णय से कमीशन खोरी कम होजाएगी या बिल्कुल बन्द हो समय पर काम होगा जरा यह भी बता दे तो फिर माना जाएग की सरकार का निर्णय शानदार ।

एक खबर यह है  सीतामऊ  किसान आंदोलन के बाद वैसे भी मंदसौर जिले में जनप्रतिनिधियों की हालत काफी हद तक खराब है। किसान आने वाले चुनावो में जनप्रतिनिधियों से बदला लेने के मूड में नजर आ रहे है। तो वही सुवासरा विधानसभा के 40 गांव के लोग महज 3 किलोमीटर रोड के कारण आने वाले चुनावों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर है और गांव के लोग फैसला भी कर चुके है की अगर आगामी चुनाव तक यह सड़क नही बनती तो सभी एकमत होकर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। गांव के पटेल रतनसिंह ने बताया की बसई रोड से धानडी छोटी होकर प्राचीन मंदिर भड़केश्वर महादेव तक रोड जाता है जो पूरी तरह जर्जर हालत में है भड़केश्वर महादेव आने वाले हजारो श्रद्धालुओ के साथ.साथ गांव के लोगो लोगो का भी इस रोड पर चलना दुस्वार हो गया है ग्रामीण पँचायत के सरपंच से लेकर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता तक से गुहार लगा चुके है लेकिन ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नही ग्रामीणों का आरोप है की क्षेत्रीय सांसद को भी हमने यहा बुला कर पूरे हालातो से वाकिफ करवा दिया था लेकिन वह भी सिर्फ आश्वाशन देकर चले गए जिंसके बाद क्षेत्र का कोई जनप्रतिनिधी यहा के हाल देखने नही आया।यही नही ग्रामीणों की क्षेत्र के विधायक हरदीपसिंह डग के खिलाफ भी खासी नाराजगी है ग्रामीणों का कहना है की विधायक स्वयं भी इस रोड के हालात को भली भाती जानते है और उन्हें इस बात का भी अंदाजा है की हजारो श्रद्धालुओं की आस भड़केश्वर महादेव से बंधी हुई है और दूर दराज से श्रद्धालु यहा दर्शन के लिए आते है लेकिन उनके कार्यकाल को लगभग पांच साल गुजरने के बाद बहु वह इस सड़क का कुछ भी नही कर पाये पटेल रतनसिंह ने बताया की अगर सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कार्य सुरु नही होता है तो हम 40 गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे।