मुंबई
महाराष्ट्र के डीजीपी संजय पांडे ने बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों को आपातकालीन यात्रा के लिए ई-पास साथ में रखने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में नागरिक पुलिस की कार्रवाई के डर के बिना यात्रा कर सकते हैं। मालूम हो कि पिछली बार जब महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसी पाबंदी लगाई गई थीं तब आपात स्थिति में घर से बाहर निकलने के लिए ई-पास साथ रखना आवश्यक किया गया था, लेकिन इस बार ई-पास साथ रखने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस प्रशासन को किसी भी नागरिक को बेवजह प्रताड़ित न करने के निर्देश दिये गए हैं। 

हालांकि उन्होंने नागरिकों से भी कहा कि वह नियम कानूनों का गलत इस्तेमाल न करें। डीजीपी पांडे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल लॉकडाउन में किसी भी प्रकार की आवाजाही के लिए ई-पास सिस्टम बनाया गया था, लेकिन इस बार हमारी शिफारिश पर इसे हटाया गया है। इस बार यदि आपको कोई इमरजेंसी है तो आप बिना किसी डर के यात्रा कर सकते हैं। आपको कोई पुलिसवाला परेशान नहीं करेगा। लेकिन यदि कोई नियम कानून तोड़ेगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। मुंबई के स्टेशनों पर प्रवासी मजदूरों की भीड़, रेलवे की अपील- ना घबराएं लोग डीजीपी ने लोगों से अपनी देखभाल करने की अपील की।

 उन्होंने कहा कि लोग मास्क पहनें और हाथों को नियमित रूप से सेनेटाइज करें। पुलिस प्रशासन आपके साथ है यदि आप हमारी मदद करेंगे तो ही कोरोना वायरस से लड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, राज्य में काम कर रहे प्रवासी कामगारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'पुलिस की हर स्थिति पर नजर है। हम उनके खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं करेंगे। सरकार ने उनके लिए सभी जरूरी इंतजाम कर रखे हैं। हम उनसे अपील करते हैं कि वह यहीं रहें, लेकिन अगर कोई जाना चाहता है तो वह जा सकता है। 
 

Source : Agency