कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए रैली में गलत भाषा का इस्तेमाल किया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, ''मैं यह सुनकर हैरान हूं कि वह (ममता बनर्जी) कोरोना महामारी के लिए मोदी जी और अमित शाह जी को गाली दे रही हैं। लेकिन यह ममता बनर्जी के 'संस्कार' हैं। मोदी जी ने उन्हें 'दीदी' के रूप में संबोधित किया करते हैं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक मंच से हमारे नेतृत्व का दुरुपयोग किया है।'' पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी जलपाईगुड़ी में एक रैली के दौरान कहा, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह, जब यहां कोरोना के मामले बढ़ रहे थे तो कभी नहीं आए। अब वे दोनों यहां बाहर से लोगों को ला रहे हैं और कोरोना फैला रहे हैं या इसको फैलने से बचा रहे हैं।
 
स्मृति ईरानी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह (ममता बनर्जी) 'खेला होबे' की बात करती हैं, तो राज्य के लोग कहते हैं कि ये तो कमल के लिए नारे लगा रही हैं। शिकारपुर में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए जनता पार्टी (भाजपा) की नेता स्मृति ईरानी ने कहा, "दीदी 'दीदी' कहे जाने पर परेशान हो रही हैं और कह रही हैं कि पीएम मोदी 'दीदी, ओ दीदी' क्यों कह रहे हैं। वह परेशान होती हैं, जब पीएम मोदी उन्हें सम्मान दे रहे हैं। पीएम मोदी उनका सम्मान करते हैं और वह उनका अपमान करती हैं। लेकिन ममता बनर्जी के 'खेला होबे' का अर्थ है दूसरों का अपमान करना है।''


स्मृति ईरानी ने कहा, इस चुनाव से पहले, उन्होंने (ममता बनर्जी) हर व्यक्ति को कहा था कि खेला होबे। लेकिन वह नहीं जानती है कि प्रत्येक चरण के बाद बंगाल के लोग दीदी से कहेंगे कि कमल के लिए नारे लगाओ।केंद्रीय मंत्री ने कहा, "टीएमसी के लिए हर वोट महिलाओं, गरीब लोगों और राज्य के लोगों का अपमान है। अगर आप राज्य की रक्षा करना चाहते हैं और संस्कृति को बचाए रखना चाहते हैं, तो कमल को दबाएं और बीजेपी को अपना आशीर्वाद दें।"

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