नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर के पूर्व गवर्नर जगमोहन का निधन हो गया। वह 94 साल के थे। जगमोहन ने दिल्ली में अंतिम सांस ली। इनका पूरा नाम जगमोहन मल्होत्रा था। जगमोहन जम्मू कश्मीर के गवर्नर रहने के अलावा केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे। दिल्ली में उनका किसी बीमारी का इलाज चल रहा था, इसी दौरान सोमवार (03 मई) को उनका निधन हुआ। जगमोहन जम्मू कश्मीर के अलावा गोवा के उपराज्यपाल भी रह चुके हैं। जगमोहन सांसद भी थे। उन्होंने नगरीय विकास और पर्यटन मंत्री का कार्यभार भी संभाला था। 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन का निधन राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उन्होंने हमेशा भारत की बेहतरी की दिशा में काम किया। उनके मंत्री कार्यकाल को नवीन नीति निर्माण द्वारा चिह्नित किया गया था। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाए। जानिए जम्मू कश्मीर के पूर्व गवर्नर जगमोहन के बारे में? जगमोहन मल्होत्रा का जन्म पंजाब के हिंदू खत्री परिवार में 25 सितंबर 1927 को अविभाजित भारत (अब पाकिस्तान में) के हाफिजाबाद में हुआ था। इनके पिता का नाम अमीर चंद और मां का नाम द्रोपदी देवी था। जगमोहन ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से की है। जगमोहन की पत्नी का नाम उमा जगमोहन है। दोनों की शादी 1957 में हुई थी। 

जगमोहन उस वक्त सुर्खियों में आए, जब 1970 के दशक के मध्य में दिल्ली विकास प्राधिकरण के वो उपाध्यक्ष बने। कहा जाता है कि इस दौरान वह संजय गांधी के करीब हो गए थे। जगमोहन को 1971 में पद्मश्री और 1977 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। जगमोहन दो बार जम्मू कश्मीर के गवर्नर रहे चुके थे। उनका पहला कार्यकाल 1984 से 1989 तक था। वहीं वीपी सिंह सरकार ने जगमोहन को दोबारा 1990 में राज्यपाल के रूप में कश्मीर भेजा। जहां वह 1990 तक इस पद पर रहे। जम्मू-कश्मीर पर जगमोहन के विचार कांग्रेस से मेल नहीं खाते थे इसिलए जगमोहन ने बाद में भाजाप में शामिल हो गए थे।

 जगमोहन ने 1990-96 तक राज्यसभा में मनोनीत सांसद के रूप में कार्य किया था। जगमोहन नई दिल्ली से 1996, 1998 और 1999 से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अमित शाह और जेपी नड्डा जगमोहन से मिलने उनके दिल्ली में स्थित घर चाणक्यपुरी गए थे।
 

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