जबलपुर
 मध्यप्रदेश में एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी बड़े शहरों में विद्युत या गैस शवदाह गृहों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए नगरीय निकाय 15 वे वित्त आयोग की मद और सांसद, विधायक निधि का उपयोग कर सकेंगे। निजी सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भी इनका निर्माण किया जा सकेगा।

जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में जहां भी विद्युत शवदाह गृह बंद पड़े हैं उन्हें अविलंब शुरू किया जाए और सभी बड़े शहरों में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से विद्युत शवदाह ग्रहों  की स्थापना की जाए। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव नितेश व्यास ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों और नगरपालिका तथा नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।  प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जो भी विद्युत शवदाह गृह बंद पड़े हैं उन्हें 15 दिन के भीतर प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा पर्यावरण, स्वच्छता और वायु प्रदूषण कम करने की दृष्टि से विद्युत और गैस शवदाह गृह स्थापित करने के लिए सभी निकायों को कहा गया है।  इसके लिए वे निकाय की स्वयं की निधि, 15 वे वित्त आयोग में वायु प्रदूषण और स्वच्छता हेतु प्रावधानित राशि तथा विधायक और सांसद निधि का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा सामाजिक संस्थाओं से भी इसके लिए सहयोग लिया जा सकेगा। प्रमुख सचिव ने कहा है कि शहरों की जनसंख्या के अनुसार जहां 5 लाख से अधिक आबादी हो वहां एक से अधिक विद्युत या गैस चलित शवदाह गृह स्थापित किए जा सकेंगे। 1 लाख से 5 लाख तक की आबादी वाले शहरों में कम से कम एक विद्युत या गैस चलित शवदाह गृह की स्थापना करने के निर्देश उन्होंने दिए हैं। इससे जहां एक और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा वही कोविड संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कतों, लकड़ी की कमी की समस्या से भी निजात मिल सकेगा।

Source : Agency