नैक का अग्रेडेशन मिलने से मिलेगा यूजीसी से करोडों का अनुदान और कोर्स चलाने की मंजूरी
भोपाल
भोज मुक्त विश्वविद्यालय जल्द ही नैक का अग्रेडशन लेने के लिए निरीक्षण कराएगा। इस संबंध में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक रखी गई। इसमें विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार अरुण सिंह चौहान और करीब आधा दर्जन, प्रोफेसर कर्मचारी और अधिकारी गैरहाजिर थे। उनके अनुपस्थित होने पर कुलपति जयंत सोनवलकर ने नाराजगी व्यक्त की और उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी को निर्देशित किया।

आगामी बैठक में उक्त अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहते हैं, तो उन्हें नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा। वहीं बैठक में कुछ रीजनल केंद्रों के अध्यक्ष को भी कुलपति सोनवलकर की फटकार खाना पडी। उन्होंने उनसे कहाकि वे कार्यालयीन समय में केंद्रों पर उपस्थति नहीं रहते हैं। उनका ऐसा व्यवहार उनके सेवाओं की लिए नुकसान दायक हो सकता है। अपने तेज तर्रार रवैये को दिखाते हुए कुलपति सोनवलकर ने सभी को नैक की तैयारियां युद्ध स्तर पर करने के लिए निर्देशित किया है।

विवि को नैक का अग्रेडशन मिलने दो साल पहले बंद हुए करीब तीन दर्जन कोर्स वापस मिल जाएंगे। वहीं नये आनलाइन कोर्स को भी शुरू कर सकेगा। नैक के होने से यूजीसी से कोरोडों रुपए का अनुदान मिलना शुरू जाएगा, जिससे विवि की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा। इसलिए कुलपति सोनवलकर ने नैक के मूल्यों के प्रकाश डाला। बैठक संचालक रतन सूर्यवंशी ने नैकी की बारिकियों से अवगत कराया। वहीं महू विवि के डॉ किशोर जॉन ने अपने अनुभव साझा किये। रजिस्ट्रार सोलंकी ने छात्र सहायता एवं शोध कार्यों को महत्व देते हुए सभी शिक्षकों से रीजनल सेंटरों एवं स्टडी सेंटर के पास संचालित स्कूलों में सीका को मजूबत करने कैंप लगाने पर जोर दिया। यहां तक उन्होंने सभी शिक्षक और केंद्राध्यक्षों को नैक की तैयारियों पर एक-एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं। उन्हें ये प्रस्ताव तीन दिनों में तैयार कर विवि भेजना होंगे।

Source : Agency