भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और दूसरे देशों व अन्य राज्यों की हेल्थ सेक्टर की बेस्ट प्रैक्टिस को मध्यप्रदेश के संदर्भ में लागू करने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने एक्सपर्ट्स और आफिसर्स ग्रुप के साथ चर्चा में कोरोना प्रबंधन में समाज की सहभागिता और अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी उपायों को लागू करने पर बल दिया है। साथ ही देश और प्रदेश की परम्परागत चिकित्सा पद्धति की अनदेखी नहीं कर उसे बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीएम चौहान ने  वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ग्रुप आफ आफिसर्स और विशेषज्ञों के साथ चर्चा में आठ अलग-अलग बिन्दुओं पर फोकस किया गया। इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया कि अन्य राज्यों और देशों ने स्वास्थ्य संबंधी बेस्ट प्रैक्टिसेज में क्या तरीके अपनाए, उसे सूचीबद्ध किया जाए। नागरिकों को स्वस्थ जीवनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करने की खातिर क्या कदम उठाए जा सकते हैं।और परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों का विस्तार कैसे किया जा सकता है। इस पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए।

सीएम के साथ चर्चा में हेल्थ प्रोफेशनल और नीति आयोग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ के मदन गोपाल, दिल्ली स्थित रिसर्च एंड इन्फार्मेशन सिस्टम इन डेवलपिंग कंट्रीज के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी और इनके अलावा राज्य शासन के तकनीकी सलाहकार समूह के आमंत्रित सदस्यों डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव, डॉ अभिजीत खरे, डॉ राहुल खरे, यूनिसेफ की वंदना भाटिया, डब्ल्यूएचओ के अभिषेक जैन, डॉ महेश माहेश्वरी, डॉ गिरीश भट्ट, डॉ लोकेंद्र दवे, डॉ देवाशीष विश्वास, डॉ प्रद्युम्न पांडे. डॉ कृष्ण गोपाल सिंह, डॉ निशांत से चर्चा की। इसके अलावा जो आईएएस अधिकारी इसमें शामिल हुए उनमें एसीएस,पीएस, सचिव और कलेक्टर पद पर पदस्थ राजेश राजौरा, एसएन मिश्रा, मलय श्रीवास्तव, अशोक बर्णवाल, नीरज मंडलोई, मनोज गोविल, संजय दुबे, पल्लवी जैन गोविल, शिवशेखर शुक्ला, प्रतीक हजेला, नीतेश कुमार व्यास, सुखबीर सिंह, बी. चंद्रशेखर, पवन शर्मा, टी इलैयाराजा और प्रवीण सिंह शामिल हैं।

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