कोरोना वायरस हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. भारत में वैसे भी हाई ब्लड प्रेशर को पहले ही एक खतरनाक बीमारी समझा जाता है, जो न सिर्फ दिल बल्कि किडनी और ब्रेन से जुड़े खतरे भी बढ़ाता है. हाइपरटेंशन की बीमारी अक्सर लोगों को स्ट्रेस, एन्जाइटी, अनहेल्दी डाइट या अनुवांशिक कारणों से हो सकती है. कोरोना की दूसरी लहर में हम कई ऐसे मामले देख चुके हैं जहां मरीजों की मौत हार्ट अटैक पड़ने के बाद हुई है. कई मामलों में तो रिकवर हो चुके मरीजों के साथ भी ऐसा हो चुका है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने की वजह से ऐसी दिक्कतें देखी जा रही हैं.
       

डॉक्टर्स कहते हैं कि कोरोना की चपेट में आने वाले हाइपरटेंशन के रोगी अगर कुछ विशेष बातों पर ध्यान दें तो इस बीमारी से जान गंवाने का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है. कोरोना के रिकवरी पीरियड में 5 से 10 दिन का समय बेहद गंभीर होता है, इस दौरान ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना काफी जरूरी हो जाता है.
         

डाइट- हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोरोना में हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए. उन्हें पोटैशियम युक्त फल-सब्जियों का सेवन करना चाहिए. इन लोगों के लिए संतरा, केला, पालक और ब्रॉकली जैसी चीजों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा.
       

सोडियम- हाइपरटेंशन के रोगियों को खाने में नमक की मात्रा कम करने की सलाह दी जाती है. ऐसे लोगों को पैकेट बंद फूड या कैन सूप जैसी चीजों से सख्त परहेज करना चाहिए. सोडियम की अत्यधिक मात्रा ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम कर सकती है.

नींद- इंसान की नींद का असर सीधा उसके स्वास्थ्य पर पड़ता है. 8 घंटे की पर्याप्त नींद इंसान के ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में बेहद कारगर है. डॉक्टर्स कहते हैं कि छह घंटे या इससे कम सोने वालों में हाई ब्लड प्रेशर की संभावना ज्यादा रहती है. इसलिए हमें पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए.

हेल्थ चेकअप और जेनेटिक टेस्ट- यदि परिवार में पहले किसी इंसान को ऐसी बीमारी रही हो तो अनुवांशिक कारणों से भी हाइपरटेंशन की बीमारी हो सकती है. जेनेटिक टेस्ट से आपकी ओवरऑल हेल्थ कंडीशन को बेहतर समझा जा सकता है, क्योंकि इस बीमारी का असर हमारी आंख, किडनी और हृदय पर पड़ सकता है.

एक फुल बॉडी चेकअप आपको बेहतर लाइफस्टाइल और बीमारी को मैनेज करने के सही तरीके के बारे में बता सकता है. इस मामले में कुछ लोगों को ब्लड प्रेशर को रेगुलर मॉनिटर करते रहना चाहिए. ताकि संभावित बीमारियों का खतरा बढ़ने से पहले उन्हें रोका जा सके.

नियमित दवाओं का सेवन- हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को अपनी दवाओं का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए. ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने पर भी उन्हें दवाएं नहीं छोड़नी चाहिए. अगर आप इलाज में किसी तरह का बदलाव कर रहे हैं तो इसकी जानकारी अपने डॉक्टर्स को जरूर दें. हालांकि ऐसी परिस्थिति में भी उन्हें अपने इलाज में समझौता नहीं करना चाहिए.

स्टेरॉयड- कोरोना के हाई ब्लड प्रेशर मरीजों की तबियत यदि ज्यादा बिगड़ जाए तो उन्हें डॉक्टर्स की सलाह पर स्टेरॉयड दिए जा सकते हैं. हालांकि जल्दी रिकवरी के चक्कर में हाइपरटेंशन के मरीजों को ऐसे ड्रग या स्टेरॉयड भूलकर भी न दें. इससे फायदे से ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है.

 

Source : Agency