रायपुर
पूर्व मंत्री व भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है कि छत्तीसगढ़ शासन को आवंटित खाद्यान्न जो कि कोविड काल के समय का है इसमें भारी अनियमितता हुई है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय और प्राथमिकता समूह के राशन कार्ड पर 2 लाख 770 मीट्रिक टन खाद्यान्न नि:शुल्क आवंटित किया। उपरोक्त दिए गए खाद्यान्न का वितरण छग शासन ने नहीं किया और राशनकार्ड धारी हितग्राही को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न प्राप्त होने की शिकायत निरंतर प्राप्त हो रही है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 2 महीने का 10 किलो चावल राज्य को  दिया गया था परंतु सरकार ने ऐसे राशन कार्डधारी जिसके परिवार में 3 सदस्य हैं उनको यह अतिरिक्त चावल नहीं दिया गया।

राशनकार्डधारी हितग्राही को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न प्राप्त होने की शिकायत निरंतर प्राप्त हो रही है। यह शेष अनाज कहां जा रहा है यह जांच का विषय हैं। मूणत ने अपने पत्र में यह भी जिक्र किया है कि शासन के एक मंत्री ने इस बड़ी गड़बड़ी को स्वीकार भी किया हैं, लेकिन ऐसे अनियमितता जारी है। केंद्र द्वारा अब यह चांवल दीपावली तक मुफ्त देने की घोषणा हुई हैं। इस तरह उसे भी अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने दिया जाएगा इसमें संदेह हैं। इस अनियमितता की पड़ताल आवश्यक हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन को आबंटित खाद्यान्न के वितरण में गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह पत्र पूर्व मंत्री की ओर से 15 जून को डिस्पेच होना था लेकिन तारीख एक महीने आगे अर्थात 15 जुलाई का लिखा हुआ भेजा गया हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पहले तो मूणत के इस आरोप को गलत बताया है और उन्होंने कहा है कि तारीख त्रुटि बता रही है कि पूर्व मंत्री की ओर से किस नियत से पीएमओ को यह पत्र भेजा गया हैं।

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