भिंड
 जिला जेल में बड़ा हादसा हो गया, सुबह जेल की बैरक नंबर 2 और 7 भरभरा कर गिर गई। जिससे इन बैरकों में सो रहे कुल 22 कैदी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से 8 कैदियों की हालत नाजुक बताई जा रही है। जेल में घायल हुए सभी कैदियों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल किसी कैदी की मौत की खबर नहीं हैं।


बताया जा रहा है कि भिंड की जिला जेल की कुल क्षमता 500 कैदियों की है। बावजूद इसके क्षमता से 5 गुना अधिक कैदी जेल की विभिन्न बैरकों में रखे गए थे।जिला जेल की बैरक के अंदर करीब सो कैदी सजायाफ्ता हैं जबकि से विचाराधीन बंदी बंद थे शनिवार की अल सुबह 5:30 बजे जब कैदी दी फ्रेश होने के लिए उठे तभी अचानक जेल की दीवार भरभरा कर गिर गई। गनीमत यह थी कि कुछ कैदी दी दीवार गिरने से पहले ही बाहर निकल आए थे। इसी दौरान बाहर निकले हुए बंदियों पर दीवार के छत का मलबा गिर गया। लिहाजा कुल 22 कैदी घायल हो गए हैं, जिनमें से आठ कैदियों को नाजुक हालत में ग्वालियर के लिए रेफर किया गया है जबकि शेष बंदियों को जिला अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया गया है।

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह और एसडीएम भिंड उदय सिंह सिकरवार के मुताबिक घायल कैदियों को सकुशल बाहर निकलवा कर अस्पताल भिजवाने का बचाव कार्य जारी है। हालांकि जिला जेल की गिरी दीवार और छत का मलबा अभी भी ढेर के रूप में पड़ा हुआ है जिसमें एक या दो कैदी के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस दौरान जेलर ने बंदियों की गणना का क्रम शुरू कर दी है, जिससे यह अंदाजा स्पष्ट किया जा सके के कितने कैदी कुल जेल में बंद हैं और कितने घायल हुए हैं ताकि मलबे में दबे किसी भी बंदी का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके।


यहां बता दें कि शासन द्वारा वर्ष 2008 से ही जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर नई जेल का निर्माण किया जा रहा है, वर्ष 2020 में नई जेल का निर्माण पूरा होने के बावजूद बंदियों को शिफ्ट नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर 500 कैदियों की क्षमता है, बावजूद इसके नई जेल का शुभारंभ नहीं किया जा रहा कहा जा रहा है कि इसमें प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरते जाने के चलते नहीं जेल को शुरू नहीं किया जा सका है। इसमें प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरते जाने के चलते नहीं जेल को शुरू नहीं किया जा सका है


इधर हादसे की सूचना के बाद बंदियों के परिजन आनन-फानन में जिला जेल पहुंचे जहां से घायल कैदियों को जिला अस्पताल और वहां से ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया जाने के उपरांत परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन द्वारा परिजनों को समझाएं देते हुए संबंधित कैदी से मिलाने का आश्वासन दे दिया है। जिला अस्पताल में भी बंदियों के परिजन बड़ी संख्या में पहुंच गए हैं, जिन्हें संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। हादसे की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने आसपास के आधा दर्जन पुलिस थानों का बल बुला लिया है।

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