खंडवा
 मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रफ्तार थमने के बाद राजनीतिक दलों ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते टले हुए चुनावों को निपटाने की तैयारी करनी शुरु कर दी है। इसी तर्ज पर खंडवा लोकसभा उपचुनाव को लेकर एक तरफ राजनीतिक पार्टियां दावेदारों की उम्मीदवारी पर मंथन करने में जुट गई हैं, तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि, अगर प्रदेश में अक्टूबर-नवंबर माह में कोरोना का अधिक प्रभाव न रहा, तो चुनाव किये जा सकते हैं।

2 अगस्त को EVM की प्रथम चरण की रिहर्सल
चुनाव आयोग द्वारा सीट पर चुनाव के लिये करीब 2900 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें भी उपलब्ध करा दी हैं। बता दें कि, खंटवा लोकसभा सीट पर साढ़े 19 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। 2 अगस्त को EVM के प्रथम चरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि, नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद खंडवा लोकसभा सीट मार्च 2021 से रिक्त है। वहीं, प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार घटने के चलते लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिये चुनाव आयोग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी हैं। अक्टूबर के अंतिम या नवंबर के पहले सप्ताह में उपचुनाव किये जा सकते हैं।

 

उम्मीदवारों को परीक्षण के दौरान रहना होगा शामिल
उप जिला निर्वाचन अधिकारी शंकरलाल सिंघाड़े के मुताबिक, उप निर्वाचन 2021 के लिए EVM की FLC (फर्स्ट लेवल चेकिंग) का काम 2 अगस्त से शुरु हो जाएगा। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सदस्यों को 2 अगस्त की सुबह 11 बजे ग्राम नहाल्दा स्थित EVM वेयर हाउस पर उपस्थित होना होगा। आयोग के दिशा निर्देशों के तहत मशीनों का परीक्षण होगा।


4 जिलों की 8 विस सीटें- साढ़े 19 लाख से ज्यादा मतदाता
खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 4 जिलों की 8 विधानसभा सीटें हैं। इसमें खंडवा जिले की खंडवा, पंधाना और मांधाता है। बुरहानपुर जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खरगोन जिले की बड़वाह, भीकनगांव और देवास जिले की बागली विधानसभा है। लोकसभा उपचुनाव में 15 जनवरी 2021 की गणना के अनुसार 10,4,509 पुरुष और 9,54,854 महिलाएं यानी कुल 19 लाख 59 हजार 436 मतदाता हैं। इनक अलावा इस सीट पर 73 ट्रांसजेंडर मतदाता भी शामिल हैं।


प्रशासन ने की ये तैयारी
अकेले खंडवा जिले की तीन विधानसभा सीटों पर 880 मतदान केंद्र हैं। इसके लिए 2640 EVM सेट तैयार किए जाएंगे। फिलहाल, जिला निर्वाचन विभाग के पास 2900 सेट EVM और वीवीपैट उपलब्ध है। वहीं कोरोना जैसी स्थिति रही तो जिले में 150 और लोकसभा क्षेत्र में 500 उप मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। यदि कोरोना का संक्रमण नहीं रहा तो 2367 मतदान केंद्रों पर ही उपचुनाव के मतदान किये जाएंगे।

Source : Agency