जम्मू
कश्मीर घाटी में आमने-सामने की लड़ाई में हार के बाद आतंकी अब आम जनता को निशाना बना रहे। हाल ही में आतंकियों ने श्रीनगर में एक बिजनेसमैन और दो शिक्षकों की हत्या कर दी थी। तीनों अल्पसंख्यक समुदाय से थे। इन वारदातों का मकसद घाटी में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना था। हालांकि सरकार, प्रशासन और सुरक्षाबलों की बदौलत ऐसा कुछ नहीं हुआ और वहां पर अभी भी शांति बहाल है। साथ ही सेना ने लोगों की हत्या का बदला आतंकियों से ले लिया है, जिसके तहत 13 दहशतगर्दों को ढेर किया गया। 

मामले में आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि घाटी में आम जनता की हत्या के बाद से सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। तब से लेकर अब तक घाटी में 9 एनकाउंटर हुए, जिसके तहत 13 आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं पिछले 24 घंटे में श्रीनगर में छिपे 5 में से 3 आतंकियों को भी मारा गया। उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षाबल के जवान घाटी में शांति स्थापित करने में लगे हुए हैं। इसके लिए जहां-जहां जरूरत पड़ रही, वहां-वहां आतंकियों का सफाया किया जा रहा है।

 200 लोगों की हत्या की साजिश कश्मीर घाटी में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से धीरे-धीरे शांति स्थापित हो रही है, लेकिन ये बात पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों को नहीं पसंद आ रही। जिस वजह से वो घाटी का माहौल बिगाड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं। हाल ही में एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक पीओके में आतंकी संगठनों ने आईएसआई के साथ एक बैठक की। जिसमें घाटी में 200 से ज्यादा आम लोगों की हत्या का प्लान बनाया गया है। इसके तहत आतंकी खासतौर पर कश्मीरी पंडितों, गैर-मुस्लिमों, बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों को निशाना बना सकते हैं।

Source : Agency