पेरिस
फ्रांस की एक स्पेशल कोर्ट ने साल 2015 में पेरिस में हुए भीषण आतंकी हमले में 20 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान कर दिया है। कोर्ट ने उस आखिरी आतंकी को भी भयानक सजा सुनाई है, जो हमले में शामिला था। दिल दहलाने वाली इस आतंकी वारदात में 130 लोग मारे गये थे। ये आतंकी वारदात साल 2015 में फ्रांस की राजधानी पेरिस के बाटाक्लान थिएटर, पेरिस कैफे और फ्रांस के नेशनल स्टेडियम में अंजाम दिया गया था और 130 लोगों की जिंदगी छीन ली थी।

10 आतंकियों ने किया था हमला
आतंकवादियों की 10 सदस्यीय टीम के मुख्य संदिग्ध और एकमात्र बच गये आतंकी सलाह अब्देसलाम को अन्य आरोपों के साथ भीषण हमला करने का दोषी पाया गया और कोर्ट ने उसे 30 सालों की कठोरतम सजा सुनाई है। ये सजा इसलिए भी भयानक है, क्योंकि इस दौरान वो जेल से एक भी दिन के लिए बाहर नहीं आ सकता है, यानि उसे पैरोल नहीं मिलेगी। सलाह अब्देसलाम को मिली ये सजा अब तक की फ्रांस की सबसे सख्ततम सजा है और उसे 30 सालों तक लगातार जेल में रहना होगा। पीठासीन न्यायाधीश जीन-लुई पेरीज़ ने नौ महीने तक लगातार चले मुकदमे को समाप्त करते हुए अभूतपूर्व सुरक्षा से घिरे एक न्यायालय में ये फैसले पढ़ा। अब्देसलाम के अलावा प्रतिवादियों में से 18 को आतंकवाद से संबंधित धाराओं में विभिन्न सजाएं दी गईं हैं और एक शख्स को धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया, जिसे अगले बुधवार को सजा सुनाए जाने की उम्मीद है।

9 महीने तक चला था मुकदमा
पिछले 9 महीने तक लगातार चल रहे मुकदमे के दौरान हमले में शामिल आतंकवादी अब्देसलाम ने कोर्ट में बताया कि वो कट्टरवादी हो गया था और उसने हमले के पीड़ितों से माफी मांगी और अदालत में कई बार अपने गुनाहों के लिए रोया। इसके साथ ही अब्देसलाम ने अदालत में अपना गुनाह कबूल करते हुए गलतियों को माफ करने की गुहार भी लगाई। वहीं, इस हमले में बचे हुए लोगों के लिए इंसाफ पाना और मुकदमे को अंत तक पहुंचाने के लिए और सभी आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए काफी लंबे वक्त कर संघर्ष करना पड़ा और पीड़ितों के लिए इंसाफ पाने की प्रक्रिया काफी मुश्किल भरी रही।

इस्लामिक आतंकियों ने किया था हमला
पिछले कई महीने से 13वीं सदी में बने जस्टिस पैलेस में लगातार सुनवाई की गई और फैसले के लिए कोर्ट के 12 कमरों में लोग खचाखच भरे हुए थे। पिछले कई महीनों से अब्देसलाम ने की इकरार-ए-जुर्म के साथ तमाम गवाहों के बयन दर्ज किए गये और पीड़ितों ने अपनी अपनी दुख भरी कहानियों कोर्ट रूम में जजों के सामने रखी। इस आतंकी वारदात में शामिल तमाम आरोपियों से जुड़े तमाम सबूत कोर्ट रूम में मुहैया कराए गये, जिसमें हमलावरों को ठिकाना उपलब्ध करावाने वाले और उन्हें खाना पीना और परिवहन सामग्री उपलब्ध करवाने वाले स्थानीय मददगार भी शामिल थे। वहीं, एक आतंकवाद की भूमिका साल 2016 में ब्रसेल्स में हुए एक और घातक आतंकी हमले में भी सामने आई, जिसे इस्लामिक स्टेट ने अंजाम दिया था।

 

Source : Agency