बिलासपुर/रायपुर
डिजिटल इंडिया अभियान कम समय और लागत में कार्यों को तीव्र गति दे रहा है। भारतीय रेल द्वारा विभिन्न स्रोतों से वाणिज्यिक आय एवं गैर किराया राजस्व अनुबंध को तीव्र गति देने के लिए निविदा की पुरानी प्रक्रिया की जगह ई-आॅक्शन की नई प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस प्रक्रिया के तहत पार्सल लीजिंग, पार्किंग, पे एवं यूज शौचालय, वाणिज्यिक पब्लीसिटी एवं स्टेशन पर एटीएम स्थापना आदि कार्य को ई-नीलामी के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है। व्यवस्था को पारदर्शी एवं सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (आईआरईपीएस) के माध्यम से वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व अनुबंधों को इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के दायरे में लाने के लिए कदम उठाए हैं।

भारतीय रेल द्वारा डिजिटल इंडिया एवं डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह ई-नीलामी पोर्टल लांच किया गया है। ई-नीलामी के इस पोर्टल के माध्यम से भारत में कहीं भी रहने वाले बोलीदाता केवल एक बार पंजीकरण कर भारतीय रेलवे की किसी भी फील्ड, यूनिट द्वारा नीलामी में भाग ले सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमानत राशि जमा करने के बाद किसी परिसंपत्ति के प्रबंधन अधिकारों के लिए दूरस्थ रूप से बोली लगाई जा सकती है। सफल बोलीदाता बहुत कम समय में आॅनलाइन और ई-मेल के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त करने में सक्षम हैं।

भारतीय रेल द्वारा शुरू किए गए ई-आॅक्शन की नई प्रक्रिया में 40 लाख रुपये तक के वार्षिक अनुबंधों के लिए कोई फाइनेंसियल टर्नओवर की आवश्यकता नहीं है। यह छोटे उद्यमियों और स्टार्ट-अप के लिए काफी लाभदायक है। ई-नीलामी पोर्टल ना केवल रेल परिसंपत्तियों का वास्तविक मूल्य पाने में मददगार साबित हुआ है, बल्कि इसके जरिए रेलवे की आय में भी वृद्धि हुई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर, नागपुर, बिलासपुर मंडल ने 696 परिसंपत्तियों, जिसमें 151 पार्सल लीज, 89 पार्किंग, 14 पे एंड यूज शौचालय, स्टेशनों पर स्थित 332 विज्ञापन स्थल तथा 114 एटीएम का मैपिंग किया है।

Source : Agency